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अडानी-हिंडनबर्ग मामला फिर सुर्खियों में, कांग्रेस ने कहा, नये संसद भवन में होने वाले मानसून सत्र में भी JPC की मांग करेंगे

New Delhi : अडानी-हिंडनबर्ग मामला फिर सुर्खियों में है. कांग्रेस आज गुरुवार को एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर हो गयी. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि हम मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से लगातार सवाल कर रहे हैं, लेकिन वो इस पर कोई जवाब नहीं दे रहे हैं. जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस ने अडानी मामले पर 100 सवालों से जुड़ी एक किताब लॉन्च की है. इस किताब में वो सवाल शामिल हैं जो कांग्रेस ने इस मुद्दे पर फरवरी से अब तक पीएम मोदी से पूछे हैं. उन्होंने कहा कि अडानी-हिंडनबर्ग मुद्दे पर ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की मांग से भाजपा और पीएम मोदी किनारा नहीं कर सकते. कहा कि जेपीसी की मांग हम नये संसद भवन में होने वाले मानसून सत्र के दौरान भी उठायेंगे. नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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सिर्फ जेपीसी के रास्ते से ही पूरी सच्चाई सामने आ सकती है

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए जयराम रमेश ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट सीमित तरीके से जांच कर पायेगी. सिर्फ जेपीसी के रास्ते से ही पूरी सच्चाई सामने आ सकती है. रमेश ने आरोप लगाया कि शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों के लिए नियम होते हैं. इन नियमों से पता चलता था कि विदेशी निवेशकों के पीछे का मुख्य निवेशक कौन है? लेकिन 31 दिसंबर, 2018 को इन नियमों को शिशिल कर दिया गया. आरोप लगाया कि 21 अगस्त 2019 को इन नियमों को हटा दिया गया. इसका फायदा अडानी समूह को मिला. जयराम रमेश का कहना था सेबी के कागजातों से जानकारी सामने आयी है 2018 में नियमों में ढील दी गयी थी ताकि भारतीय कंपनियों में निवेश से पहले विदेशी फोर्टफोलियो निवेशकों को अपने स्वामित्व की जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ती. कहा कि इसे फिर से सख्त करने की जरूरत बताई गयी है. पूछा कि क्या 2018 के बाद के निवेशकों को भी इस दायरे में लाया जायेगा.   [wpse_comments_template]

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