बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने छह सदस्यीय विशेषज्ञ कमेटी गठित की है. इसके अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश एएम सप्रे होंगे. कमेटी में एएम सप्रे के अलावा ओपी भट, न्यायमूर्ति जेपी देवदत्त ,नंदन नीलेकणि , केवी कामथ और सोमसेखरन सुंदरसन शामिल किये गये हैं. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि SEBI इस मामले में जांच जारी रखेगी . वह 2 माह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. इसे भी पढ़ें : प्रशांत">https://lagatar.in/prashant-kishore-attacked-the-chief-minister-and-deputy-chief-minister-of-bihar-raised-questions-on-not-giving-employment/">प्रशांतSC sets up expert committee on the issue arising out of Hindenburg report. Retd judge Justice AM Sapre will head the committee.
SC was hearing petitions pertaining to Hindenburg report incl on constitution of committee relating to regulatory mechanisms to protect the investors. pic.twitter.com/N1FlBWgpwo">https://t.co/N1FlBWgpwo">pic.twitter.com/N1FlBWgpwo
— ANI (@ANI) March">https://twitter.com/ANI/status/1631161667714449413?ref_src=twsrc%5Etfw">March
2, 2023
किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री पर बोला हमला, रोजगार नहीं देने पर उठाये सवाल
पीठ ने कहा था, वह निवेशकों के संरक्षण के लिए पारदर्शिता चाहती है
पहले कोर्ट ने 17 फरवरी को फैसला सुरक्षित रखते हुए प्रस्तावित विशेषज्ञ पैनल पर केंद्र के सुझाव को सीलबंद लिफाफे में स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. पीठ ने कहा कि वह निवेशकों के संरक्षण के लिए पूरी पारदर्शिता चाहती है. कोर्ट ने प्रस्तावित समिति के कामकाज पर किसी सेवारत न्यायाधीश के निगरानी रखने की संभावना को भी खारिज कर दिया था. इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अब तक चार जनहित याचिकाएं दायर की गयी हैं. इसे भी पढ़ें : हम">https://lagatar.in/we-cannot-see-a-world-where-there-is-no-democratic-value-rahul-gandhi-told-the-students-of-cambridge/">हमएक ऐसी दुनिया बनते नहीं देख सकते, जहां लोकतांत्रिक मूल्य नहीं हों, राहुल गांधी ने कैंब्रिज के छात्रों से यह कहा

Leave a Comment