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अडानी विल्मर ने कोहिनूर का किया अधिग्रहण, देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी बनी

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LagatarDesk : अडानी समूह की एफएमसीजी कंपनी अडानी विल्मर ने बासमती चावल के प्रसिद्ध ब्रैंड कोहिनूर का अधिग्रहण कर लिया है. कंपनी ने स्विट्जरलैंड की कंपनी मैककॉर्मिक से कोहिनूर को खरीदा है. यह जानकारी अडानी विल्मर ने मार्केट रेग्युलेटर सेबी को दी है. हालांकि यह डील कितने में हुई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आयी है. जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने कोहिनूर ब्रांड के तहत आने वाले कोहिनूर बासमती चावल, रेडी टू कुक और रेडी टू ईट करी और फूड पोर्टफोलियो का अधिग्रहण किया है. (बिजनेस">https://lagatar.in/category/business/">बिजनेस

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ज्यादा मार्जिन वाले उत्पादों में विस्तार करने की योजना से किया गया अधिग्रहण

इस डील के बारे में अडानी विल्मर के सीईओ अंगशु मल्लिक ने कहा कि अडानी विल्मर को कोहिनूर ब्रांड का फार्च्यून परिवार में स्वागत करने पर काफी खुशी हो रही है. कोहिनूर एक विश्वसनीय ब्रांड है जो भारत के ऑथेंटिक टेस्ट का प्रतिनिधित्व करता है और उपभोक्ताओं द्वारा पसंद किया जाता है. यह अधिग्रहण कंपनी की बिजनेस स्ट्रेटेजी के तहत ज्यादा मार्जिन वाले उत्पादों में विस्तार करने की योजना के तहत किया गया है. हमें विश्वास हैं कि पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री में अभी विकास की काफी संभावना है. इसे भी पढ़े : इंतजार">https://lagatar.in/wait-over-lic-ipo-opens-from-today-investors-can-invest-till-may-9/">इंतजार

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वित्त वर्ष 2021-22 में अडानी विल्मर का रेवेन्यू 46.2 फीसदी बढ़ा

अडानी विल्मर के नाम एक और कीर्तिमान जुड़ा है. वित्त वर्ष 2021-22 में अडानी विल्मर का रेवेन्यू सालाना आधार पर 46.2 फीसदी बढ़ा है. कंपनी को 54,214 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ. एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी का रेवेन्यू 37,090 करोड़ रहा था. इसी के साथ अडानी विल्मर ने हिंदुस्तान यूनिलीवर पछाड़कर देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी बन गयी है. इसे भी पढ़े : ईद">https://lagatar.in/shehnaaz-gill-was-seen-showering-love-on-salman-at-eid-party-seen-a-cute-bonding-together/">ईद

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खाने के तेल के बिजनेस से अकेले 84 फीसदी रेवेन्यू प्राप्त

अडानी विल्मर को सबसे ज्यादा फायदा खाने के तेल के बिजनेस से हुआ है. पिछले वित्त वर्ष में इस बिजनेस ने विल्मर के रेवेन्यू में अकेले करीब 84 फीसदी का योगदान दिया. विल्मर के खाने के तेलों की बिक्री वित्त वर्ष 2020-21 में 30,818 करोड़ रही थी. जो एक साल बाद 47.3 फीसदी बढ़कर 45,401 करोड़ पर पहुंच गयी. कंपनी को इंडस्ट्री इसेंशियल बिजनेस से करीब 11.4 फीसदी रेवेन्यू प्राप्त हुआ. इस सेगमेंट में साल भर पहले 4,366 करोड़ की बिक्री हुई थी. जो 42 फीसदी बढ़कर 6,191.5 करोड़ पर पहुंच गयी. इसे भी पढ़े : एलन">https://lagatar.in/elon-musks-big-announcement-about-twitter-users-will-have-to-pay-money/">एलन

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