Search

आदित्यपुर : गजिया बराज में इस वर्ष 139 मीटर स्टोरेज किया जाएगा पानी, 8000 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित

Adityapur (Sanjeev Mehta)गजिया बराज में इस वर्ष 139 मीटर तक पानी स्टोरेज किया जाएगा. इस वर्ष अगर ट्रायल सफल रहा तो अगले वर्ष से क्षेत्र के करीब 8000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी. जानकारी देते हुए खरकई बराज प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता कुमार अरविंद ने बताया कि इस वर्ष गजिया दायीं नहर जो कि पाइप लाइन योजना का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा तो संभव है कि अगस्त से सीतारामपुर डैम में पानी भेजना शुरू कर देंगे. बता दें कि दायीं नहर के लिए पाइप लाइन योजना का रैयतों द्वारा विरोध हो रहा था बावजूद इसके जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट तैनात कर पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया है. इसे भी पढ़ें :किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-66-students-took-part-in-the-examination-of-ol-chiki-script/">किरीबुरू

: ओल चिकी लिपि की परीक्षा में 66 विद्यार्थियों ने लिया भाग

एफलेक्स बांध का कार्य भी पूरा

[caption id="attachment_476214" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/11/20rc_m_46_20112022_1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> जानकारी देते गजिया बराज प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता[/caption] अरविंद ने बताया कि यह योजना आदित्यपुर और गम्हरिया के किसानों के लिए वरदान साबित होगी. गजिया बराज में 139 मीटर पानी स्टोरेज क्षमता सफल हुआ तो इस क्षेत्र में सिंचाई के साथ जलस्तर में भी इजाफा होगा. उन्होंने बताया कि इससे आदित्यपुर, गम्हरिया और राजनगर के करीब 8000 हेक्टेयर पाइप लाइन केनाल सिस्टम से भूमि सिंचित होंगे. वहीं गजिया बराज में पानी स्टोरेज करने के लिए बांध के साथ आसपास के गांव को सुरक्षित रखने के लिए एफलेक्स बांध का कार्य भी पूरा हो चुका है. इसे भी पढ़ें :बरही">https://lagatar.in/the-eyes-of-the-land-mafia-on-the-barhi-river-the-land-is-being-sold-step-by-step-the-officials-are-unaware/">बरही

नदी पर गड़ी भू-माफियाओं की नजर, जमीन बिक रहे हैं डगर-डगर, अधिकारी बेखबर

ईचा डैम निर्माण पर संसय

ईचा डैम के निर्माण कार्य शुरू होने और झारखंड सरकार के द्वारा दिये जा रहे डैम के स्वरूप में बदलाव कर निर्माण शुरू करने के बयान पर अरविंद ने कहा कि इस विषय में अब तक कोई निर्देश नहीं मिला है, सरकार क्या करना चाहती है ये सरकार ही जाने. उन्होंने यह भी कहा कि डैम के प्रारूप में बदलाव सम्भव नहीं है, डैम तो अपने स्वरूप में बनेगा, हां डैम का जलस्तर कम रखकर आसपास के गांव को बचाया जा सकता है लेकिन इससे डैम निर्माण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा. इसे भी पढ़ें :मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-father-and-son-injured-in-road-accident-in-tetlighati-one-serious/">मनोहरपुर

: तेतलीघाटी में सड़क दुर्घटना में पिता-पुत्र घायल, एक गंभीर
[wpse_comments_template] गजिया बराज और कार्यपालक अभियंता कुमार अरविंद की तस्वीर

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp