Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

आदित्यपुर : 2027 तक सुवर्णरेखा परियोजना के सभी कार्य पटरी पर : मुख्य अभियंता

Adityapur (Sanjeev Mehta) : 2027 तक सुवर्णरेखा परियोजना के सभी कार्य पटरी पर होंगे उक्त बातें चांडिल मुख्य अभियंता अशोक कुमार दास ने कही. उन्होंने बताया कि पुनर्वास नीति को एक्सटेंशन मिलने से पुनर्वास और एसएमपी के विस्थापितों को मुआवजा देने का कार्य जारी है. अभी फण्ड की थोड़ी कमी हुई है लेकिन एक सप्ताह में फण्ड की समस्या दूर हो जाएगी. राज्य सरकार के आदेशानुसार 43 गांव की विस्थापितों को मुआवजा देकर उन्हें पुनर्वासित कराने के कार्य में तेजी लाई जाएगी. इसे भी पढ़ें :टीम">https://lagatar.in/former-team-india-veteran-cricketer-salim-durrani-passed-away-breathed-his-last-at-the-age-of-88/">टीम

इंडिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का निधन, 88 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

मुआवजा के लिए 66 करोड़ रुपये का मांगा गया फंड

[caption id="attachment_400944" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/suwarnrekha-pariyojna-300x210.jpeg"

alt="" width="300" height="210" /> सुवर्णरेखा परियोजना कार्यालय.[/caption] बता दें कि झारखंड सरकार ने 2012 में बने पुनर्वास नीति को 2027 तक एक्सटेंशन दे दिया है. अब पुनर्वास नीति को एक्सटेंशन मिलने से 2027 तक सुवर्णरेखा परियोजना के सभी कार्य पटरी पर लौटेंगे ऐसा कयास लगाया जा रहा है. मुख्य अभियंता अशोक कुमार दास ने बताया कि 2022 के मार्च में पुनर्वास नीति की मियाद समाप्त हो जाने से परियोजना के महत्वपूर्ण कार्य को ब्रेक लग गया था, जबकि परियोजना को भी 2027 तक पूरा करने का एक्सटेंशन मिल चुका है. अब परियोजना के साथ पुनर्वास नीति को भी एक्सटेंशन मिलने से सभी कार्य सुचारू रूप से चलेंगे. उन्होंने बताया कि फिलहाल पुनर्वास और एसएमपी के विस्थापितों को मुआवजा देने के लिए 66 करोड़ रुपये का फंड मांगा गया है. जिसका प्रस्ताव भेज दिया गया है. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-municipal-corporation-took-out-a-torch-procession-under-swachh-utsav/">आदित्यपुर

: नगर निगम ने स्वच्छ उत्सव के तहत निकाला मशाल जुलूस

डैम से प्रभावित 43 गांव को खाली करा पुनर्वासित किया जाएगा

बता दें कि बहुद्देश्यीय सुवर्णरेखा परियोजना समेत राज्य के सभी योजनाओं में पुनर्वास कार्य अप्रैल 2022 से ठप पड़े थे, जिसके वजह से विकास कार्य अवरुद्ध था. उन्होंने बताया कि राज्य में पुनर्वास नीति 2012 में बनी थी जिसकी अवधि 2017 में समाप्त हो गई थी, तब वर्तमान सरकार ने पुनः 5 वर्ष का एक्सटेंशन दिया था जिसकी मियाद भी मार्च 2022 को पूरी हो चुकी थी. अब पांच वर्ष का एक्सटेंशन मिलने से पुनर्वास नीति 2027 तक प्रभावी हो गई है. उन्होंने बताया कि 43 गाँव के विस्थापितों को पुनर्वासित करने के बाद चांडिल डैम का जलस्तर 185 मीटर रखकर वहां लगे हाईड्रल पावर प्लांट को चालू कर बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य मिला है. इसके लिए चांडिल डैम से प्रभावित 43 गांव को पूरी तरह से खाली कराकर उन्हें पुनर्वासित करना है. तभी डैम की क्षमता 185 मीटर रखी जा सकेगी. उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना की राशि भी बढकर 13 हजार 106 करोड़ रुपए हो गई है. साथ ही परियोजना को मार्च 2027 तक का विस्तार मिला है. ऐसे में अब परियोजना के कार्य सम्पन्न करने की बाधा समाप्त हो गई है. इसे भी पढ़ें :तेलंगाना">https://lagatar.in/chaibasa-fury-among-people-due-to-non-uptake-of-garbage-after-rain/">तेलंगाना

से आयी बड़ी खबर, 66.9 करोड़ लोगों और कंपनियों का डेटा चोरी करने का आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही