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आदित्यपुर : प्रवीण सिंह सेवा संस्थान के पंडाल को फाइनल टच देने में जुटे कारीगर

  • खंडहरनुमा पंडाल बनाने का उद्देश्य धरोहरों को संरक्षित करने के लिए सरकार को प्रेरित करना : अरविंद सिंह
  • 50 सीसीटीवी कैमरे से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, 100 वोलेंटियर्स, ड्रोन कैमरे रहेंगे सुरक्षा में
Adityapur (Sanjeev Mehta) :  प्रवीण सिंह सेवा संस्थान आदित्यपुर के दुर्गा पूजा पंडाल को फाइनल टच देने में 150 कारीगर दिन रात जुटे हैं. 14 अक्टूबर को रंगारंग शोभा यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पंडाल के पट खुल जाएंगे. पंडाल की विशेषता और उद्देश्य बताते हुए मुख्य संरक्षक पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने बताया कि खंडहरनुमा पंडाल बनाने का उद्देश्य धरोहरों को संरक्षित करने के लिए सरकार को प्रेरित करना है. 14 अक्टूबर को रंगारंग शोभा यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पंडाल के पट खोल दिये जायेंगे. पूर्व विधायक अरविंद सिंह बताते हैं कि भीड़- भाड़ से बचने के लिए दिव्यांग, बुजुर्ग और महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. इनके लिए हर दिन 2-2 घंटे का समय सुरक्षित किया गया है.

गुफा से होकर गुजरते वक्त 4- 4 माता रानी के दर्शन होंगे

बता दें कि इस वर्ष दक्षिण भारतीय मंदिर का खंडहरनुमा और गुफानुमा आकृति का पंडाल बना है. श्रद्धालुओं को गुफा से होकर गुजरते वक्त 4- 4 माता रानी के दर्शन होंगे. पंडाल का निर्माण पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर स्थित मैचेदा के पार्वती डेकोरेटर्स के कारीगर तैयार ने किया है. पंडाल की सुरक्षा में 50 सीसीटीवी कैमरे के साथ ही 100 वोलेंटियर्स और ड्रोन कैमरे भी सुरक्षा में तैनात किया गया है.

गोल्डन जुबिली है इस वर्ष 

पूर्व का जयराम यूथ स्पोर्टिंग क्लब अब प्रवीण सेवा संस्थान हो गया है. इसलिए गोल्डन जुबिली वर्ष पर धूमधाम से क्लब दुर्गोत्सव मना रहा है. पूर्व विधायक ने बताया की पूजा के दौरान झारखंड बिहार के मंत्री विधायक शिरकत करेंगे.

1973 में शुरू हुई थी दुर्गा पूजा 

क्लब ने पहली बार 1973 में पूजा की शुरुआत की थी. तब कॉलोनी के रहने वाले कन्हैया प्रसाद, समीर मंडल, नवल किशोर, बीएन भक्ता, श्यामल कांत झा और श्री वर्मा ने पूजा की शुरुआत की थी. पूजा को सम्पन्न कराने में संरक्षक एके श्रीवास्तव, भगवान सिंह के साथ लाइसेंसी शंकर सिंह, अध्यक्ष विनायक सिंह, महासचिव सत्य प्रकाश, जितेंद्र मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, ऋषि मिश्रा, धनंजय कुमार, संजू, विवेक, धीरज कैरा, सौरभ कुमार जवाहरलाल सिंह, अनुराग सिंह, पंकज कुमार, पप्पू सिंह, मनबोध शर्मा, शशि शेखर, राजेश कुमार सिंह, व्यवस्थापक संजय कुमार सिंह, मुख्य यजमान अंकुर सिंह, आलोक दुबे, राजा सिंह, चंदन सिंह लगे हुए है. पंडाल निर्माण में पार्वती डेकोरेटर्स के प्रोपराइटर अशोक दास, ड्राइंग डिजाइनर शिव कुमार दास का बहुमूल्य योगदान है. इसे भी पढ़ें – चांडिल">https://lagatar.in/chandil-goddess-durga-will-be-invoked-with-traditional-dasayam-dance-preparations-in-final-stage/">चांडिल

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