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आदित्यपुर : बैंकर्स फेर रहे पीएम आवास शहरी योजना के मंसूबों पर पानी

Adityapur (Sanjeev Mehta)आदित्यपुर नगरीय क्षेत्र के शहरी बेघर गरीबों का पक्के मकान का सपना शायद पूरा नहीं हो पाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंसूबों पर यहां के बैंकर्स पानी फेर रहे हैं. चूंकि बैंकों ने पीएम आवास शहरी योजना के लाभुकों को बगैर गारंटर ऋण देने से साफ मना कर दिया है. इससे पीएम की गरीबों को पक्का मकान देने के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. बैंकों ने स्पष्ट कहा है कि लाभुकों के साथ किये जा रहे करार के मुताबिक जब 15 वर्षों तक घर पर स्वामित्व नगर निगम का ही रहेगा तो हम किस गारंटी पर लाभुकों पर ऋण देंगे. ऐसे में तो यदि लाभुक ऋण नहीं चुकाता है तो बैंक के पास मॉर्गेज के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं बचेगी. यही वजह है कि अब तक नगर निगम क्षेत्र में बन रहे 780 मकानों के लिए लाभुकों के लाले पड़ रहे हैं. कुल मिलाकर यहां बैंकों के ऋण देने से इंकार की वजह से पीएम आवास योजना फेल होती नजर आ रही है. यही वजह है कि नगर निगम ने मीरुडीह में बनने वाले 4400 घर को पहले लाभुकों के नकारात्मक रवैये को देखते हुए 1240 मकान किया. अब इसे पूरी तरह से रद्द कर दिया है. इस प्रकार अब नगर निगम में 6000 घरों के बजाय केवल 780 निर्माणाधीन घर रह गए हैं, जिसके भी लाभुक नगर निगम को नहीं मिल रहे हैं. इसे भी पढ़ें : मुंबई-गोवा">https://lagatar.in/car-and-truck-collision-on-mumbai-goa-national-highway-9-people-died/">मुंबई-गोवा

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जमीनी हकीकत यह भी है

पीएम आवास योजना के एक लाभुक अनिल सिन्हा बताते हैं कि पीएम आवास का निर्माण 100 फीसदी काले ईंट से कराया जा रहा है. इसे देखकर कई लाभुक इस घर को लेना नहीं चाह रहे हैं, चूंकि नगर निगम ने 15 वर्ष तक घर की खरीद-बिक्री पर भी रोक लगा रखी है. ऐसे में इस घर का समय काल 15 वर्ष भी नहीं रहेगा. चूंकि 100 फीसदी काले ईंट से बने घर अधिकतम 10 वर्ष में दरारों से क्षतिग्रस्त हो जाएंगे. ऐसे में लाभुक 6 लाख रुपये बैंक ऋण लेकर घाटे का सौदा क्यों करना चाहेगा. [wpse_comments_template]

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