Adityapur (Sanjeev Mehta) : सरायकेला-खरसावां जिले के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लाभुकों को दिसंबर माह का बकाया अनाज हर्जाने के साथ 15 दिन में उपलब्ध कराने का निर्देश आयोग ने दिया
है. अनाज नहीं मिलने की शिकायत आयोग के समक्ष भाजपा नेता रमेश ने लिखित रूप से की
थी. उनकी शिकायत पर शनिवार को खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने सुनवाई की
है. इसकी जानकारी भाजपा नेता रमेश हांसदा ने प्रेसवार्ता कर दी
है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाली दिसंबर माह का चावल सरायकेला-खरसावां जिला में लाभुकों को नहीं मिला
था. जिसकी लिखित शिकायत उन्होंने खाद्य आयोग के अध्यक्ष से की
थी. खाद्य आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वादी रमेश हांसदा और प्रतिवादी डीएसओ को अपने अदालत में पेश होने का निर्देश दिया
था. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-rail-passenger-facilitation-committee-submitted-memorandum-to-mp-and-railway-manager/">चाकुलिया
: रेल यात्री सुविधा समिति ने सांसद व रेल प्रबंधक को सौंपा ज्ञापन जिला आपूर्ति पदाधिकारी के ऐसे वक्तव्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता
उन्होंने बताया कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी सरायकेला-खरसावां ने उनके आरोप को सही माना
है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने स्पष्टीकरण दिया की अनाज की उपलब्धता नहीं होने के कारण दिसंबर में अनाज उपलब्ध नहीं कराया जा
सका. जिस पर आयोग ने कहा कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी के ऐसे वक्तव्य को स्वीकार नहीं किया जा
सकता. खाद्य आयोग की वैधानिक जिम्मेदारी है कि हर
लाभुक को उनकी
अहर्ता के अनुरूप राशन उपलब्ध
कराएं. आयोग अधिकारी एवं पदाधिकारियों तथा तकनीकी दिक्कतों पर गौर नहीं कर
सकता. इस पर गौर करने की जिम्मेवारी संबंधित पदाधिकारी और विभाग की
है. ऐसे में आयोग ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि जितने लाभुकों को राशन उपलब्ध नहीं कराया गया है उन्हें उनकी
अहर्ता के अनुसार राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित
करें. साथ ही पिछला बकाया राशन मुआवजा के साथ उपलब्ध
करायें. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-the-work-of-ncc-of-the-college-is-commendable-col/">घाटशिला
: कॉलेज के एनसीसी का कार्य प्रशंसनीय – कर्नल मामले की अगली सुनवाई 19 अप्रैल को
नेशनल फूड सेफ्टी अधिनियम में बतौर मुआवजा पिछले अवधि के उपलब्ध नहीं कराए गये राशन का सवा गुणा राशन उपलब्ध कराने का प्रावधान
है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी सभी लाभुकों को अधिनियम की धारा-8 के अन्तर्गत निर्धारित हर्जाना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, अन्यथा आयोग द्वारा जिला आपूर्ति पदाधिकारी के विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की
जाएगी. आयोग के आदेश के अनुपालन का प्रमाण 15 दिनों के अन्दर जिला आपूर्ति पदाधिकारी आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया
है. इस मामले की अगली सुनवाई की 19 अप्रैल को निर्धारित की गई
है. भाजपा नेता रमेश हांसदा ने कहा कि जिला में चावल की कालाबाजारी जोरों पर
है. जनता को जागरूक होना
होगा. अन्यथा प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीबों को दिया जानेवाला चावल पदाधिकारी लूट
खाएंगे. प्रेसवार्ता में पूर्व उपप्रमुख
माईकल महतो,
विशु महतो, चिन्मय महतो आदि शामिल थे. [wpse_comments_template]
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