- 100 से ज्यादा कारसेवक हुए शामिल
- कोल्हान से 400 लोगों का कारसेवक अयोध्या हुआ था रवाना
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शांति समिति ने की बैठक
alt="" width="600" height="400" /> समारोह का संचालन प्रकाश मेहता ने किया. समारोह को संबोधित करते हुए श्री श्रीवास्तव ने अपने शब्दों में उस समय 1990 की स्थिति का वर्णन किया. उन्होंने बताया कि उस समय जयश्री राम का नारा लगाना अपराध बोध कराता था. पुलिस रात को घरों में खोजने आती थी. सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी आरएन प्रसाद ने बताया कि किस प्रकार 1983 से राम मंदिर के लिए देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जुगत में लगा था. 1990 में जिले की समितियां बनी जिसके बाद कार सेवक सक्रिय हुए. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-ram-devotees-donated-blood-in-katras-for-the-consecration-of-ram-temple/">धनबाद
: राम मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा को लेकर कतरास में राम भक्तों ने किया रक्तदान
alt="" width="600" height="400" /> 1990 में कारसेवकों का रैला आदित्यपुर से अयोध्या से रवाना हुआ था. उस समय मृगेंद्र नारायण सिंह, दीनानाथ पांडेय, बीएन सिंह, अवधेश्वर ठाकुर के नेतृत्व में लोग जमशेदपुर से रवाना हुए थे. आज 45 वर्ष के बाद वह सुनहरा दिन आ गया जब भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार है और 22 जनवरी को मंदिर का उद्घाटन हो रहा है. इस पूरे प्रक्रिया में कारसेवकों की सेवा उदाहरणीय है. उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कारसेवकों ने धैर्य नहीं खोया, आगे भी नहीं खोएंगे. मौके पर कारसेवक अवधेश्वर ठाकुर, भगवान सिंह को सम्मानित किया गया. इस समारोह को केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति, मंदिर समिति, हरिकीर्तन मंडली, रामायण मंडली, राधा कृष्ण समिति ने आयोजित किया था. मौके पर दिवंगत पंडित काशीनाथ झा, भूपेंद्र सिंह, सुभाष राम और अरुण सरायवाला को श्रद्धांजलि अर्पित किया. कार्यक्रम में दुर्गा वाहिनी की महिला सदस्य भी मौजूद रही. इसे भी पढ़ें : पलामू">https://lagatar.in/palamu-questions-are-being-raised-on-law-and-order-after-the-murder-of-a-businessman/">पलामू
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