Adityapur (Sanjeev Mehta) : गुरुवार की शाम गम्हरिया में कांग्रेसियों ने बिहार के पुरोधा ललित नारायण मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित किया. मौके पर कांग्रेस के वरीय जिला उपाध्यक्ष फ़ूलकान्त झा ने बताया कि उनका जन्म बिहार के सुपौल जिले के बासनपट्टी में एक मैथिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उन्होंने 1948 में पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की थी. वे राष्ट्रवादी श्रीकृष्ण सिन्हा और अनुग्रह नारायण सिन्हा का बहुत सम्मान करते थे. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद पहली, दूसरी लोकसभा और 5वीं लोकसभा के सदस्य रहे थे. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-joint-unions-demonstrated-in-front-of-guava-cell-office-for-the-second-day/">नोवामुंडी
: दूसरे दिन भी गुवा सेल कार्यालय के सामने संयुक्त यूनियनों ने किया प्रदर्शन वे संसदीय सचिव योजना, श्रम और रोजगार मंत्रालय (1957-60), गृह मामलों के उप मंत्री (1964-66) रहे थे. इसके अलावा उप वित्त मंत्री (1966-67), रक्षा उत्पादन राज्य मंत्री (1967-70) 1970 से 4 फरवरी 1973 तक वह विदेश व्यापार मंत्री भी रहे. 5 फरवरी 1973 को उन्हें तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा रेलवे का कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. विदेश व्यापार मंत्री के रूप में वे भारत के भावी प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की क्षमता को पहचानने वाले पहले लोगों में से एक थे और उन्हें विदेश व्यापार मंत्रालय में अपने सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था. [wpse_comments_template]
: दूसरे दिन भी गुवा सेल कार्यालय के सामने संयुक्त यूनियनों ने किया प्रदर्शन वे संसदीय सचिव योजना, श्रम और रोजगार मंत्रालय (1957-60), गृह मामलों के उप मंत्री (1964-66) रहे थे. इसके अलावा उप वित्त मंत्री (1966-67), रक्षा उत्पादन राज्य मंत्री (1967-70) 1970 से 4 फरवरी 1973 तक वह विदेश व्यापार मंत्री भी रहे. 5 फरवरी 1973 को उन्हें तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा रेलवे का कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. विदेश व्यापार मंत्री के रूप में वे भारत के भावी प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की क्षमता को पहचानने वाले पहले लोगों में से एक थे और उन्हें विदेश व्यापार मंत्रालय में अपने सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था. [wpse_comments_template]
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