Adityapur (Sanjeev Mehta) : रविवार को भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ सह समाजसेवी संस्था (इप्टा) ने देश के 50 लाख से अधिक निजी शिक्षकों के हित में भारतीय संविधान में एक विधेयक बनाने की मांग केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से की. इसी उद्देश्य से संसद में प्रश्न उठाने व विधेयक पारित करवाने हेतु खूंटी लोकसभा के लोकप्रिय सांसद सह भारत सरकार के जनजातीय मामले के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को इप्टा के प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा है. इप्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. परमानंद मोदी और पार्षद सह सचिव डॉ. नथुनी सिंह ने बताया कि संपूर्ण भारतवर्ष में शिक्षा का अलख जगाने वाले निजी शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है. इसे भी पढ़ें : तांतनगर">https://lagatar.in/tantnagar-villagers-barricaded-the-road-leading-to-the-confluence-site-ban-on-picnic/">तांतनगर
: संगम स्थल तक जाने वाले मार्ग पर ग्रामीणों ने की बैरिकेडिंग, पिकनिक पर लगाई रोक भारत के किसी भी राज्य में गैर सरकारी शिक्षकों का योगदानों को भुलाया नहीं जा सकता है, परंतु दुख इस बात का है कि भारत के संविधान पटल पर गैर सरकारी शिक्षकों की कोई भी विधेयक आज तक आजाद भारत में पारित नहीं हो पाया है. इसी परिप्रेक्ष्य में नववर्ष के अवसर पर केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है. प्रतिनिधिमंडल में प्रेम दयाल सिंह, संगठन के वरीय सलाहकार कृष्णा प्रसाद एवं बिहार के को-ऑर्डिनेटर सोनू कुमार, संगठन मंत्री लालटू गोराई, उपाध्यक्ष अशोक प्रसाद, कुटीर उद्योग प्रशिक्षक श्याम सुंदर कुमार शिक्षा, को-ऑर्डिनेटर लाल भगत, देवीदत्त प्रधान आदि शामिल थे. [wpse_comments_template]
आदित्यपुर : निजी शिक्षकों के हित में विधेयक बनाने की मांग

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