Search

आदित्यपुर : दिंदली शिव मंदिर में चड़क पूजा और मेले में दिखेगी भक्तों की आस्था

Adityapur (Sanjeev Mehta) : आदित्यपुर स्थित दिंदली बस्ती का पौराणिक शिव मंदिर आज भी अपने पौराणिक इतिहास काल को संजोए हुए है. सन 1818 से लगातार यहां प्रतिवर्ष जून के दूसरे सप्ताह के सोमवार और मंगलवार को चड़क पूजा और मेले का आयोजन होता है. चडक पूजा के पहले दिन सोमवार को देर यात्रा घट लाया जाता है जबकि दूसरे दिन मंगलवार को रजनी फोड़ा और बलि देने की प्रथा 205 सालों से चली आ रही है. इस वर्ष यह पूजा छह और सात जून को सम्पन्न हो रहा है जिसकी पूजा कमेटी ने पूरी तैयारी कर ली है. रजनी भोक्ता के दिन मंगलवार को शिव भक्त शरीर में लोहे के कील से छेद कराकर उससे रस्सी पारकर नाचते हुए मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं, वहीं बस्तीवासी अपने इष्टदेव को बलि देकर प्रसन्न करते हैं. इसे भी पढ़ें :धनबाद">https://lagatar.in/ed-raids-in-dhanbad-and-hazaribagh-case-related-to-illegal-sand-mining/">धनबाद

और हजारीबाग में ईडी की छापेमारी, अवैध बालू खनन से जुड़ा है मामला

महामारी और अकाल दूर करने के लिए शुरू हुई थी पूजा

मान्यता है कि तकरीबन 205 साल पूर्व वर्ष 1818 में दिंदली गांव में भयंकर अकाल और महामारी फैली थी, बिना बारिश हर ओर सुखाड़ पड़ा था. ऐसे में लोगों ने यहां के पौराणिक शिव मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की और मन्नतें मांगी थी. पूजा कमेटी के अध्यक्ष लालटू महतो ने बताया कि उस वक्त कई भक्तों ने अपने शरीर को भी नुकीले कील से छिदवाए और भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था प्रकट की थी, जिसके बाद से ही यहां प्रतिवर्ष अच्छी बरसात होने लगी और अकाल का नामोनिशान भी मिट गया था. पूजा के सफल आयोजन में मुख्य रूप से पार्षद राजरानी महतो, रितेन महतो, मीडिया प्रभारी गुरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष मनोज मंडल समेत अन्य सक्रिय सदस्यों की भी अहम भूमिका निभा रहे हैं. इसे भी पढ़ें :हरमू">https://lagatar.in/investigation-of-corruption-in-the-name-of-beautification-of-harmu-river-and-bada-talab/">हरमू

नदी और बड़ा तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की हो जांच

रात में होगी सरायकेला व पुरुलिया शैली की छऊ नृत्य की प्रस्तुति 

चड़क पूजा के दौरान लगे मेले व पूजा अर्चना के बाद बस्तीवासियों व आसपास के लोगों के लिए छऊ नृत्य का आयोजन किया जाता है. पूजा कमेटी और तरुण संघ के द्वारा लगातार दूसरी बार युवतियों का छऊ नृत्य दल पुरुलिया से बुलवाया गया है. युवतियों के दल ने एक से बढ़कर एक पौराणिक व आधुनिक थीम पर बनी छऊ नृत्य प्रस्तुत कर देर रात तक लोगों का मन मोहेंगे. इसे भी पढ़ें :जादूगोड़ा">https://lagatar.in/jaduguda-crpf-jawan-dies-after-coming-in-contact-with-high-tension-wire/">जादूगोड़ा

: हाईटेंशन तार की चपेट में आकर सीआरपीएफ जवान की मौत
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp