Adityapur (Sanjeev Mehta) : श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ सह भागवत कथा में दूसरे दिन धर्मानुरागी को संबोधित करते हुए त्रिदंडी स्वामी गोपालचार्य ने कहा कि भगवान का चरित्र ही कथा है. भागवत का अर्थ है भगवान का दिया हुआ संसार. जो सबकी उत्पत्ति और गमनागमन करता है वही ईश्वर है. जो इसे नहीं जानता है वह अज्ञानी है. इसलिए कर्म ऐसा हो कि हमें पुनः जीना मरना न पड़े. महर्षि पराशर कहते हैं कि जिस तरह गंगा के बालू की गणना नहीं की जा सकती उसी तरह प्रभु के अवतार की गणना नहीं की जा सकती. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-sai-mahotsav-in-old-basti-palki-yatra-taken-out-with-musical-instruments/">चक्रधरपुर
: पुरानी बस्ती में साईं महोत्सव, गाजे बाजे संग निकाली गई पालकी यात्रा
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/08rc_m_113_08012023_1.jpg"
alt="" width="555" height="370" /> कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुगण[/caption] उन्होंने महाभारत की कथा भीष्म पितामह के बाण शय्या पर पड़े होने का वर्णन करते हुए कहा कि वे भी भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना कर रहे थे कि हे प्रभु मुझे अब सांसारिक भूल भुलैया से जाने की आज्ञा दें. तब श्रीकृष्ण उन्हें दर्शन देते हैं कहते हैं प्रकृति अनुकूल होगी तो आप स्वयं सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाएंगे. क्योंकि मुनिवर सुखदेव कहते हैं कि जिस राज्य में राजा प्रजा के अनुकूल होते हैं वहां स्वतः सारा कुछ अपने आप होता है. बता दें कि आदित्यपुर स्थित उत्तरवाहिनी खरकई नदी के तट पर जय प्रकाश उद्यान में 6 जनवरी से 9 दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ सह भागवत कथा का आयोजन हो रहा है. इसमें रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. लोग यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर दान पुण्य और हवन में हिस्सा लेकर पुण्य के भागी बन रहे हैं. [wpse_comments_template]
: पुरानी बस्ती में साईं महोत्सव, गाजे बाजे संग निकाली गई पालकी यात्रा
6 जनवरी से शुरू हुआ यज्ञ नौ दिनों तक चलेगा
[caption id="attachment_521528" align="aligncenter" width="555"]alt="" width="555" height="370" /> कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुगण[/caption] उन्होंने महाभारत की कथा भीष्म पितामह के बाण शय्या पर पड़े होने का वर्णन करते हुए कहा कि वे भी भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना कर रहे थे कि हे प्रभु मुझे अब सांसारिक भूल भुलैया से जाने की आज्ञा दें. तब श्रीकृष्ण उन्हें दर्शन देते हैं कहते हैं प्रकृति अनुकूल होगी तो आप स्वयं सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाएंगे. क्योंकि मुनिवर सुखदेव कहते हैं कि जिस राज्य में राजा प्रजा के अनुकूल होते हैं वहां स्वतः सारा कुछ अपने आप होता है. बता दें कि आदित्यपुर स्थित उत्तरवाहिनी खरकई नदी के तट पर जय प्रकाश उद्यान में 6 जनवरी से 9 दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ सह भागवत कथा का आयोजन हो रहा है. इसमें रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. लोग यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर दान पुण्य और हवन में हिस्सा लेकर पुण्य के भागी बन रहे हैं. [wpse_comments_template]
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