- रविवार को मना बाउड़ी, घरों में गुड़-पीठा बनाकर मेहमानों को खिलाया
की अनुशंसा के बाद चार लोगों को मिलेगा मुआवजा, गृह विभाग ने जारी किया आदेश
alt="" width="600" height="400" /> टुसू पर्व के लिए सभी घरों में गुड़ पीठा के साथ तरह-तरह के पकवान बनाए गए. घर में विशेष पूजा करने के बाद परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर पीठा खाए. घरों में नई फसल आने की खुशी में मनाए जानेवाले इस पर्व में चारों ओर उल्लास, उमंग दिखाई पड़ी. लोकगीतों पर जहा लोग नाचते गाते नजर आए और अपनी भावनाओं को प्रकट कर रहे थे. आदित्यपुर नगर निगम की पूर्व पार्षद राजरानी महतो कहती हैं कि टुसू पर्व एक प्रकार से सुख, समृद्धि और नए रिश्ते बनाने का पर्व है. इसे भी पढ़ें : पीएम">https://lagatar.in/pm-modi-wished-makar-sankranti-also-congratulated-military-personnel-on-army-day/">पीएम
मोदी ने देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं, सैन्यकर्मियों को भी सेना दिवस की भी बधाई दी
alt="" width="600" height="400" /> इस पर्व पर विशेष रूप से अरवा चावल के आटा और गुड़ की लाई बनाकर ``गुड़ पीठा`` बनाया जाता है. गुड़ पीठा लेकर लोग अपने रिश्तेदारों के यहां जाते हैं. घर में दोस्त व मेहमानों के आने पर उन्हें पीठा खिलाया जाता है. राजरानी महतो और रितेन महतो ने बाउड़ी के मौके पर रविवार को अपने परिजनों के साथ मिलकर पीठा बनाया. उन्होंने कहा कि परंपरा के अनुसार हर वर्ष टुसू पर्व मनाते हैं और पीठा के बहाने एक-दूसरे के साथ खुशिया बाटते हैं. [wpse_comments_template]
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