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आदित्यपुर : नदी में सीधे प्रवाहित नहीं करें मूर्ति, पोंड बनाकर प्लास्टिक आदि सामग्री को करें विसर्जित

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  • मूर्ति विसर्जन को लेकर सेंट्रल प्रदूषण बोर्ड का गाइड लाइन जारी
  • विसर्जन के पूर्व और बाद में नदी का जल लेकर की जाएगी जांच
Adityapur (Sanjeev Mehta)मूर्ति विसर्जन को लेकर सेंट्रल प्रदूषण बोर्ड ने गाइड लाइन जारी किया है. इसे सभी निकायों को भेज दिया गया है. क्षेत्रीय प्रदूषण पर्षद के क्षेत्रीय पदाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि देवी की प्रतिमा को नदी में सीधे प्रवाहित नहीं करने का निर्देश दिया गया है. पहले प्रतिमाओं के ऑर्नामेंट्स, प्लास्टिक आदि के अवशेष को मूर्ति से अलग कर एक पोंड बनाकर उसे पोंड में विसर्जित करें. केवल मिट्टी की प्रतिमा को नदी के जल में प्रवाहित करना है. सेंट्रल प्रदूषण बोर्ड ने क्षेत्रीय कार्यालय को विसर्जन के पूर्व और विसर्जन के बाद का नदी के जल का सैंपल (नमूना) लेकर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए उन्होंने इस आदेश की प्रति सभी निकायों को भेज दी है और उन्हें सेंट्रल प्रदूषण बोर्ड के निर्देश का पालन करने का निर्देश दिया गया है. इसे भी पढ़ें : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-will-boycott-vote-if-12-km-road-is-not-constructed-villagers/">किरीबुरु

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होटल और बैंक्वेट हॉल संचालक ने नहीं ली सीटीओ एनओसी

प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के क्षेत्रीय पदाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अब भी सैकड़ों होटल और बैंक्वेट हॉल संचालकों ने सीटीओ अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय से नहीं लिया है. इनके विरुद्ध अब छापेमारी कर जुर्माना लगाया जाएगा. सभी होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल संचालकों को कुल लागत के अनुरूप टैक्स भरकर सीटीओ प्रमाण पत्र लेना है, जिसमें कुछ संचालकों ने लिया है, जबकि अब भी सैंकड़ों ने इस आदेश का पालन नहीं किया है. उनके विरुद्ध अब कार्रवाई की जाएगी. [wpse_comments_template]

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