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आदित्यपुर : झारखंड सरकार की लापरवाही से नहीं शुरू हो पा रहा चांडिल हाइड्रोल पावर प्लांट

Adityapur (Sanjeev Mehta) : झारखंड सरकार की लापरवाही से चांडिल डैम में बनी 8 मेगा वाट हाइड्रल पावर प्लांट बेकार पड़ी हुई है. बता दें कि वर्ष 2013 में चांडिल हाइड्रल पावर प्लांट का काम पूरा हुआ एवं उसका टेस्टिंग भी हुआ था, परंतु झारखंड सरकार ने हाइड्रल पॉवर प्लांट को अपने अधीन ले तो लिया है लेकिन इसे चालू करने में रुचि नहीं दिखा रही है. बता दें कि 28 अगस्त 2017 को झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार को यह आदेश दिया था कि झारखंड में जितना भी हाइड्रल पावर प्लांट हैं सभी को झारखंड सरकार हैंड ओवर में ले. इस आदेश के बाद झारखंड सरकार ने हाइड्रल पॉवर प्लांट को अपने अधीन लिया है. इसे भी पढ़ें :जोशीमठ">https://lagatar.in/survey-of-joshimath-danger-on-603-building-fear-of-rain-increased-concern/">जोशीमठ

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सरकार चालू करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है

[caption id="attachment_522468" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/aaditypur-1-300x134.jpg"

alt="" width="300" height="134" /> चांडिल डैम.[/caption] अब यह जेरेडा (झारखंड रिनेयूएबल एनर्जी डवलपमेंट) एजेंसी के अधीन है. बता दें कि झारखंड के चांडिल समेत तेनुघाट, उत्तर कोयल, जालिमघाघ, निंदीघाघ, सदनी, लोहरघाघरी, एवं नेतरहाट समेत कुल 8 हाइड्रल पावर प्लांट बेकार पड़े हुए हैं. जानकारी देते हुए सुवर्णरेखा परियोजना के प्रशासक के तकनीकी सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इसको लेकर बिहार के ऊर्जा सचिव ने 13 फरवरी 2008 को झारखंड के मुख्य सचिव को भी पत्र लिख अपने अधीन लेने का जिक्र किया था. परंतु झारखंड सरकार ने इसे कोर्ट के आदेश के बाद इन हाइड्रल पावर प्लांट को अपने अधीन ले तो लिया है परंतु इसे चालू करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है. इसे भी पढ़ें :‘शुभम">https://lagatar.in/shubham-sandesh-exclusive-in-hazaribagh-sheikh-bhikhari-medical-college-dead-people-are-also-eating-government-grain/">‘शुभम

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नौ कर्मी को वेतन भी नहीं मिला 

चांडिल में कार्यरत पदाधिकारी एवं कर्मियों को वेतन का भुगतान भी समय पर नहीं कर रहे हैं. चांडिल हाइड्रल पॉवर प्लांट में पदाधिकारी समेत कुल नौ कर्मी कार्यरत हैं, जिन्हें विगत डेढ़ साल से वेतन भी नहीं मिला है. झारखंड हाई कोर्ट द्वारा आदेश पत्र में यह स्पष्ट रूप से झारखंड सरकार को लिखा गया है कि 8 सप्ताह के अंदर झारखंड सरकार हाइड्रल पावर प्लांट को अपने अधीन में लेकर इसका संचालन करना है. मालूम हो कि चांडिल हाइड्रल पावर प्लांट के चालू होने से आसपास के 48 हजार घरों में बिजली सुचारू रूप से मिलेगी. इसे भी पढ़ें :गुमला">https://lagatar.in/gumla-former-bjp-divisional-president-shot-by-criminals-in-palkot/">गुमला

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डैम का जलस्तर बढ़ाए बिना चालू नहीं होगा हाइड्रल प्लांट - तकनीकी सचिव 

प्रशासक के तकनीकी सचिव मनोज कुमार ने कहा कि हैंडओवर और टेक ओवर सरकार स्तर की बातें हैं, लेकिन जहां तक हाइड्रल पावर प्लांट चालू होने की बात है तो इसके लिए डैम में जलस्तर क्षमता जब तक 185 मीटर नहीं मेंटेन होगी प्लांट चलना मुश्किल है. लोकल राजनीति की वजह से जलस्तर को बढाने नहीं दिया जा रहा है. जबकि डैम से प्रभावित जितने भी गांव है सारे विस्थापितों को सभी प्रकार का मुआवजा दिया जा चुका है. लेकिन अब इन्हें दोबारा मुआवजा दूसरे राज्यों की तरह चाहिए जो कि सरकार स्तर की ही बातें हैं. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-thieves-steal-from-4-footpath-shops-in-front-of-akashvani/">आदित्यपुर

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