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आदित्यपुर : सीडब्ल्यूसी को भेजे गए 139.55 करोड़ की प्राक्कलन राशि को अब तक नहीं मिली स्विकृति

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Adityapur (Sanjeev Mehta) : आदित्यपुर और जमशेदपुर के तटीय इलाकों को बाढ़ से बचाने के लिए सुवर्णरेखा परियोजना ने सीडब्ल्यूसी (सेंट्रल वाटर कमीशन) को 139.55 करोड़ का प्राक्कलन 2020 में भेजा था, जिसपर अब तक स्वीकृति नहीं मिली है. नतीजतन हर वर्ष आदित्यपुर और जमशेदपुर के सैकड़ों बस्तियों में सुवर्णरेखा और खरकई नदी के बाढ़ का पानी प्रवेश कर हर वर्ष आमलोगों को करोड़ों की क्षति पहुंचा रहा है. इस बात को लेकर मंगलवार को मुख्य अभियंता से पूर्व नगर पर्षद उपाध्यक्ष व आदित्यपुर विकास समिति के अध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में विभिन्न बस्तियों के लोग मिले और बाढ़ सुरक्षा हेतु भेजे गए प्रस्ताव की विस्तृत जानकारी मांगी.
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अब तक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली

इस पर मुख्य अभियंता चांडिल अशोक कुमार दास ने कहा कि पूर्व में भेजे गए सुवर्णरेखा और खरकई नदी के कुल 13 नालों पर सलुइस गेट सह इंबैंकमेन्ट के निर्माण पर सीडब्ल्यूसी ने 2 बार इंक्वायरी की और कुछ जवाब भी मांगा जिसे हमलोगों ने बनाकर भेजा है लेकिन अब तक हमें प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली है जिसके वजह से यह प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहा है. वहीं मुख्य अभियंता ने यह भी कहा कि अगर ईचा डैम बन जाए तो आदित्यपुर-जमशेदपुर स्वतः फ्लड फ्री जोन बन सकता है, जिसपर राज्य सरकार ने पहल कर दी है. आगे आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में आदित्यपुर विकास समिति का एक शिष्टमंडल आज चांडिल कॉम्प्लेक्स के मुख्य अभियंता अशोक कुमार दास से उनके कार्यालय में मुलाकात की. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-self-help-group-of-birsanagar-got-a-loan-of-one-lakh-rupees/">जमशेदपुर

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इचा डैम का काम शिघ्र प्रारम्भ करने की मांग की

इस अवसर पर मुख्य अभियंता ईचा-गालूडीह कॉम्पलेक्स गोपाल जी प्रसाद, प्रशासक के तकनीकी सचिव अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार, ईचा गालूडीह के कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार भी मौजूद थे. प्रतिनिधिमंडल ने ईचा डैम का काम भी शीघ्र प्रारंभ किए जाने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ईचा डैम बनने से खरकाई में जल स्तर के बढ़ोतरी होने पर डैम में पानी का जमाव किया जा सकेगा, जिससे तटीय इलाकों को बाढ़ की स्थिति में राहत मिलेगी. मुख्य अभियंता अशोक कुमार दास ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि आदित्यपुर और जमशेदपुर के तटीय इलाकों को बचाने के लिए विभाग द्वारा जल शक्ति मंत्रालय को प्राक्कलन भेजा गया है. बीच-बीच में मंत्रालय द्वारा मांगे गए बिंदुओं पर पुन: पत्र के माध्यम से जवाब प्रेषित किया जा चुका है. लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय मंत्रालय द्वारा नहीं लिया गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-divyang-got-tricycle-due-to-the-initiative-of-kunal-sharangi/">जमशेदपुर

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पुरेन्द्र नारायण सिंह ने पत्रकारों से की बात

मुख्य अभियंता से मिलने के बाद आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वे शीघ्र ही ईचा डैम का काम शुरू कराने के लिए स्थानीय विधायक सह मंत्री चंपई सोरेन और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलेंगे तथा आदित्यपुर को खरकाई नदी के बाढ़ और कटाव से बचाने के लिए खरकाई नदी के किनारे ईमबेंकमेंट और नालों पर सूलूइस गेट लगाने हेतु केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव पर त्वरित प्रक्रिया के लिए सिंहभूम और जमशेदपुर के माननीय सांसद से मिलकर केंद्रीय मंत्रालय से बात करने का अनुरोध करेंगे. प्रतिनिधिमंडल में पुरेंद्र नारायण सिंह के अलावे देव प्रकाश देवता, रामचंद्र पासवान, कुमार विपिन बिहारी प्रसाद, प्रमोद गुप्ता, उमाशंकर राम, रामजी शर्मा, सिमरन मेहरा, एसडी प्रसाद शामिल थे. [wpse_comments_template]
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