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आदित्यपुर : ब्यांगबिल डैम के पांच फाटक खुले, सेकड़ों घरों में घुसा बाढ़ का पानी

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Adityapur (Sanjeev Mehta) : आदित्यपुर के राम मड़ैया, भाटिया, सालडीह, शांतिनगर, लंकाटोला, मोतीनगर कॉलोनी समेत तटीय इलाके के बस्तियों के करीब 200 घरों में खरकई नदी में आये बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. खरकई नदी में शाम 3 बजे से अचानक 4 मीटर पानी बढ़ गया जिससे तटीय इलाकों के बस्तियों में पानी प्रवेश करना शुरू हो गया. जिला प्रशासन के सावधानी बरतने वाली मैसेज के बाद लोगों ने या तो सुरक्षित स्थान पर आश्रय लिया, या अपने दोमंजिला भवन पर सामान के साथ शिफ्ट होकर जान माल की सुरक्षा की है. रात 9 बजे खरकई नदी खतरे के निशान 129 मीटर को पार कर 135 मीटर पर पहुंच गया था, जिससे बाढ़ वाली स्थिति बनी है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-to-save-adityapur-from-floods-and-erosion-the-central-government-should-give-consent-soon-purendra/">आदित्यपुर

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[caption id="attachment_394615" align="aligncenter" width="524"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/adtp-baadh-2.jpeg"

alt="" width="524" height="349" /> बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन तैयार करते वार्ड 18 के पार्षद रंजन सिंह[/caption]

ब्यांगबिल डैम के पांच फाटक

बता दें कि 18 जून 2008 को अब तक का सबसे उच्चतम जलस्तर 139 मीटर का रेकॉर्ड है, तब खरकई नदी के छोटी पुलिया के ऊपर से बाढ़ का पानी गुजरा था. ब्यांगबिल डैम के कार्यपालक अभियंता अरुण केरकेट्टा से रात 9 बजे मिली जानकारी अनुसार रात 10 बजे तक व्यांगबिल डैम के पांच फाटक खोलकर वहां से करीब 201 क्युमेक्स पानी डिस्चार्ज किये जा रहे थे. जो रात 10 बजे 2 फाटक बंद होने पर घटकर 140 क्युमेक्स हो जाएगा. अभियंता के अनुसार आधी रात से खरकई नदी के जलस्तर में गिरावट आने शुरू हो जाएगा. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-two-day-state-level-senior-taekwondo-competition-organized/">चक्रधरपुर

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भोजन का किया गया प्रबंध

इधर बस्तियों के घरों में पानी प्रवेश की घटना के बाद स्थानीय पार्षदों ने लोगों की सुरक्षा के साथ उनके खाने पीने की व्यवस्था भी किये और बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सूखा राशन मसलन चूड़ा, ब्रेड आदि के साथ खिचड़ी आदि की भी व्यवस्था कर उनका पेट भरने में जुटे दिखे. [wpse_comments_template]
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