Adityapur (Sanjeev Mehta) : गम्हरिया स्थित वाणी विद्या मंदिर के समीप आनंद मार्गी भक्तों ने कीर्तन दिवस के 52वें साल की पूर्व संध्या पर बाबा नाम केवलम संकीर्तन का आयोजन किया. कीर्तन में डेढ़ सौ की संख्या में आनंद मार्गी भक्त शामिल हुए. इस मौके पर आनंद मार्ग के प्रवर्तक तात्विक पारस ने कहा कि 8 अक्टूबर 1970 को श्रीश्री आनन्द मूर्त्ति जी ने झारखंड के आमझरिया में बाबा नाम केवलम कीर्तन को सिद्ध किया था. उन्होंने कहा कि बाबा शब्द का अर्थ है सबसे अधिक प्रिय. कीर्तन करने से यह साधना में सहायक, अनंददायक, बाधा को दुर करने वाला, मोक्ष प्रदान करने वाला, भूत प्रेत को नाश करने वाला होता है. कीर्तन हमलोगों को परमात्मा की ओर ले जाने में मदद करेगा. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-tsf-will-improve-health-facilities-in-gumla/">जमशेदपुर
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