alt="" width="600" height="400" /> सड़क पर[/caption] Adityapur (Sanjeev Mehta) : आदित्यपुर नगर निगम के प्रशासक गिरिजा शंकर प्रसाद ने बुधवार को बयान दिया था कि पीएम आवास के कुछ लाभुक 5000 रुपये देकर निबंधन करा चुके है. अब वे मकान आवंटन का एग्रीमेंट नहीं करवा रहे है. ऐसे लाभुकों की वस्तुस्थिति की जांच कर आवंटन रद्द कर दिया जाएगा. उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी. उनके इस बयान पर वार्ड 17 की पूर्व पार्षद नीतू भड़क गई हैं. पूर्व पार्षद ने कहा कि पीएम आवास के लाभुकों को निगम से न हीं कोई सपोर्ट मिल रहा और न ही बैंक से ऋण दिलाने में रुचि दिखा रहे हैं. ऐसे में बगैर सपोर्ट के लाभुक कैसे एग्रीमेंट और कैसे क़िस्त भरेंगे. इसे भी पढ़ें :चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-dead-body-of-a-person-found-under-vinjay-river-bridge-police-engaged-in-investigation/">चक्रधरपुर
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सिटी मैनेजर लाभुकों से ढंग से बात तक नहीं करते - नीतू
उन्होंने कहा कि लाभुक गरीब हैं, वर्षों से किराये के मकान में रह रहे हैं, वे एक साथ 20 हजार रुपये देकर एग्रीमेंट कराने और 92 हजार रुपये नगद देकर किस्त भरने में सक्षम नहीं हैं. उन्हें बैंक से ऋण दिलाने का आश्वासन दिया गया था. लेकिन बैंक लाभुकों के नाम मकान नहीं होने और स्वामित्व नगर निगम के रहने की स्थिति में ऋण नहीं दे रहा है. ऐसे में जिम्मेदारी नगर निगम की है कि वो बैंक से ऋण दिलाये और गरीबों को पक्का मकान देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को पूरा करे. न कि गरीबों के जमा 5000 हड़प कर उनपर प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजे. यह कथन प्रशासक का घोर निंदनीय है. नगर निगम में पीएम आवास का काम देखने वाले सिटी मैनेजर कुलदीप सिंह लाभुकों से ढंग से बात तक नहीं करते हैं न ही लाभुको को कोई सूचना प्रेषित करते हैं ऐसे में गरीब लाभुकों को कठघरे में खड़ी कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने और उनके पैसे जब्त करने का आदेश सैंकड़ों गरीबों के साथ अन्याय होगा. इसे भी पढ़ें :चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-forest-department-team-kept-chasing-elephants-in-jamua-overnight/">चाकुलिया: जमुआ में रात भर हाथियों को खदेड़ती रही वन विभाग की टीम
मैं चुप नहीं रहूंगी - पूर्व पार्षद
पूर्व पार्षद ने कहा कि इनका (प्रशासक) कहा गया कथन बिल्कुल गलत है, जो लाभुक ₹5000 जमा किए हैं अब तक उनको नगर निगम के द्वारा कोई सूचना नहीं दिया गया है. अगला पैसा कब तक जमा करना है ? और ना ही उस लाभुक को बैंक से कोई सपोर्ट मिला है. जिन लाभुक के नाम पर मकान आवंटित हो चुका है वैसे लाभुक का मकान अगर किसी दूसरे पब्लिक को बेच दिया जाएगा तो यह सरासर लाभुक के साथ अन्याय होगा. मैं चुप नहीं रहूंगी. इसे भी पढ़ें :पलामू">https://lagatar.in/womans-body-found-hanging-from-tree-in-palamu/">पलामूमें पेड़ से लटका मिला महिला का शव [wpse_comments_template]
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