Adityapur (Sanjeev Mehta) : झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय सम्मानित अध्यक्ष विमल कुमार सिंह एवं प्रांतीय संयुक्त सचिव प्रणव शंकर ने कहा है कि उच्च न्यायालय रांची द्वारा स्वीकृत पदों पर आउटसोर्स से नियुक्ति पर रोक लगाया जाना ऐतिहासिक फैसला है. उच्च न्यायालय के इस फैसले से राज्य महासंघ द्वारा वर्षों पूर्व से उठाई जा रही मांगों की सार्थकता झलकती है. इसे भी पढ़ें: बंदगांव">https://lagatar.in/bandgaon-in-superstition-the-villagers-did-not-allow-the-dead-body-of-the-drowned-person-to-be-burnt-in-the-village/">बंदगांव
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योग्यता के अनुसार स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध समायोजित किया जाए
इन नेताओं ने कहा कि इस संबंध में महासंघ त्रिपाठी गुट द्वारा सरकार से वर्षों से मांग की जा रही है की अनुबंध/आउटसोर्स के माध्यम से वर्षों से कार्य कर रहे लोगों को योग्यता के अनुसार स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध समायोजित किया जाए. महासंघ भी इस आदेश को शीघ्र लागू करने का अनुरोध सरकार से करती है ताकि ऐसे कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ सरकारी कार्य को संपादित करें तथा कार्यों में दुरुपयोग से रोका जा सके. इसे भी पढ़ें: सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-school-children-made-attractive-paintings-under-ozone-awareness-campaign/">सरायकेला: ओजोन जागरूकता अभियान के तहत स्कूली बच्चों ने बनाए आकर्षक पेंटिंग्स [wpse_comments_template]
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