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Adityapur : बेरोकटोक कार्य चला तो एक वर्ष में पूरा होगा ट्रीटमेंट प्लांट - प्रोजेक्ट मैनेजर

 
Adityapur (Sanjeev Mehta) : आदित्यपुर वासियों में अब पाइप लाइन जलापूर्ति की आस जगने लगी है. इसकी वजह इस योजना की लेटलतीफी को लेकर दायर जनहित याचिका है. कोर्ट की फटकार के बाद कार्य में तेजी आ गई है. शुक्रवार की सुबह जनहित याचिका दायरकर्ता के साथ जिंदल के प्रोजेक्ट मैनेजर ने सपड़ा स्थित निर्माणाधीन ट्रीटमेंट प्लांट स्थल का जायजा लिया और उन्हें आश्वस्त कराया कि अभी से अगर बेरोकटोक कार्य चला तो एक वर्ष में ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा. बता दें कि आदित्यपुर में वर्ष 2018 में वृहद जलापूर्ति योजना का कार्य जिंदल पावर ने शुरू किया था. इसे 30 महीने में पूरा होना था. इस योजना में आदित्यपुर के सम्पूर्ण इलाके में करीब 480 किलोमीटर पाइप लाइन और 11 जलमीनार के साथ 2 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होना था. लेकिन, अब तक पाइप लाइन और 10 जलमीनार का ही निर्माण प्रगति पर है. इसे भी पढ़ें : Kiriburu">https://lagatar.in/kiriburu-electricity-supply-stalled-in-lohanchal-including-kiriburu-meghahatuburu/">Kiriburu

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वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण वन विभाग के एनओसी के कारण लटका रहा

इस योजना का मूल सूत्रधार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण वन विभाग के एनओसी की वजह से 3 वर्ष तक लटका रहा. जब जन कल्याण मोर्चा ने इसे लेकर जनहित याचिका दायर की तो सरकार और विभाग दोनों ने कार्य शुरू करने में रुचि दिखाई है. उधर वन विभाग ने भी एनओसी दे दिया है. बता दें कि आदित्यपुर के 35 वार्ड में रहने वाले 55 हजार परिवारों के साथ 1200 उद्योगों को 24 घंटे पाइप लाइन जलापूर्ति के लिए दोमुहानी स्थित सपड़ा में 60 एमजीडी और सीतारामपुर में 30 एमजीडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होना है. इन दोनों प्लांट से 11 जलमीनार तक पानी पहुंचेगा. आज स्थल निरीक्षण करने में जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष ओम प्रकाश के साथ जिंदल पावर के प्रोजेक्ट मैनेजर ब्रजेश कुमार और जुडको के प्रोजेक्ट मैनेजर विश्वनाथ हांसदा शामिल थे. [wpse_comments_template]
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