Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

आदित्यपुर : पीएचईडी कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी, मांग पूरी नहीं होने पर जलापूर्ति करेंगे ठप

Advertisement
Advertisement
Adityapur  :  पीएचईडी कार्यालय में विभाग के कर्मियों का अनिश्चित कालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा. भीषण गर्मी में भी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर खूंटा गाड़ कर बैठे हैं. मालूम हो कि शुक्रवार को विभाग के कार्यपालक अभियंता (ईई) जेसन होरो ने लिखित आश्वासन दिया, कर्मचारी नेताओं संग वार्ता भी की. लेकिन कर्मचारी नेता ने इसे टालमटोल की रणनीति बता कर प्रस्ताव को ठुकराया दिया है. धरना का नेतृत्व कर रहे अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सम्मानित अध्यक्ष विमल सिंह और जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग की यदि यही टालमटोल की रणनीति रही तो वे लोग सीतारामपुर प्लांट को बंद कर 11 जुलाई से जलापूर्ति भी ठप कर देंगे. इसे भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-three-criminals-arrested-with-weapons/">बोकारो

: हथियार के साथ तीन अपराधकर्मी गिरफ्तार

15 सूत्री मांगों को लेकर किया जा रहा था पत्राचार

गौरतलब है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कर्मचारी बुधवार से कार्यपालक अभियंता कार्यालय के आगे अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं. कर्मचारी बताते हैं कि कई सालों से संघ की ओर से 15 सूत्री मांगों को लेकर विभाग और सरकार के स्तर पर पत्राचार किया जा रहा था. इसके बावजूद न तो विभागीय स्तर पर और न ही सरकार के स्तर पर इनकी मांगों पर सहमति बनी. इसके बाद अंततः बुधवार से विभाग के कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन धरने पर बैठना पड़ा है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/muzaffarpur-cyclist-dies-in-road-accident-truck-driver-absconding/">चाईबासा

: को-ऑपरेटिव कॉलेज की छात्रा ने दीक्षांत समारोह का किया बहिष्कार

आदित्यपुर कार्यालय भ्रष्ट कार्यालयों में से एक : अध्यक्ष विमल सिंह

अध्यक्ष विमल सिंह ने बताया कि बार-बार पत्राचार किए जाने के बाद भी सरकार और विभाग के पदाधिकारी कर्मचारियों के लंबित मांगों को लेकर गंभीर दिखे. उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग आदित्यपुर के कार्यालय को सबसे भ्रष्ट कार्यालय में से एक बताया. साथ ही कहा कि इस कार्यालय में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी मजबूत है. भ्रष्ट पदाधिकारी यहां वर्षों से जमे हैं और कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं. उन्होंने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया जाता है, तो एक बार फिर से सीतारामपुर जलाशय से जलापूर्ति ठप कर दी जाएगी. इसे भी पढ़ें : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-8th-anniversary-of-jagannath-temple-in-guwa-celebrated-with-gaiety/">किरीबुरु

: हर्षोल्लास के साथ मनाई गई गुवा स्थित जगन्नाथ मंदिर की आठवीं वर्षगांठ
[wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही