2023 : जीता मैच हार गया मुंबई, हुआ बड़ा नुकसान, बेकार गई इशान किशन की पारी
पुलिस प्रशासन जान बूझकर बनी अंजान
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रतिदिन इन घाटों से करीब 500 बोरी बालू खनन कर इसे साइकिल और स्कूटी पर सवारी कर बेचा जा रहा है. इससे सरकार को जहां हजारों लाखों रुपये राजस्व की क्षति हो रही है वहीं बालू माफियाओं की चांदी हो गई है. बता दें झारखंड सरकार द्वारा हाल के दिनों में जिन 16 घाटों को बंदोबस्त किया गया है उसमें सरायकेला खरसावां जिले का एकमात्र बालू घाट का नाम शामिल है जो चांडिल क्षेत्र में पड़ता है. इसके अलावा जिले के किसी भी घाट से यदि बालू का खनन हो रहा है तो वह अवैध खनन माना जाएगा. वहीं नगर निगम के किसी भी बालू घाट से बालू खनन की मंजूरी सरकार ने नहीं दी है. ऐसे में इस कदर बोरी में बालू भरकर बेचना अवैध है, लेकिन पुलिस प्रशासन इस बात से जान बूझकर अंजान बनी हुई है. इसे भी पढ़ें :सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-told-enforcement-directorate-do-not-create-an-atmosphere-of-fear-chhattisgarh-government-has-accused-of-intimidation/">सुप्रीमकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय से कहा, डर का माहौल पैदा न करें, छत्तीसगढ़ सरकार ने लगाया है धमकाने का आरोप [wpse_comments_template]

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