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आदित्यपुर : दो साल से बालू-गिट्टी की कमी से जूझ रहे कोल्हान के ढाई सौ कंक्रीट प्रोडक्शन उद्योग

Adityapur (sanjeev mehta) : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के साथ कोल्हान के तीनों जिले के करीब ढाई सौ कंक्रीट प्रोडक्शन उद्योग पिछले दो वर्ष से बालू-गिट्टी की कमी से जूझ रहा है. कोल्हान के तकरीबन ढाई सौ कंक्रीट प्रोडक्शन उद्योग के कामकाज प्रभावित होने से करीब 35-40 हजार कामगारों के रोजगार भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं. कंक्रीट उद्योगों के बिगड़ रहे हालात पर लघु उद्योग भारती जिला कमेटी ने सरकार की औद्योगिक पॉलिसी पर सवाल उठाएं हैं. महामंत्री समीर सिंह ने बताया कि बालू और गिट्टी नहीं मिलने से कंक्रीट प्रोडक्शन उद्योगों में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है यह चिंतनीय है. इसे भी पढ़ें :चांडिल">https://lagatar.in/chandil-sudesh-mahato-reached-the-house-of-ajsu-block-president-consoled-the-family-members/">चांडिल

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नई नीति उद्यमियों के लिए परेशानी का सबब - समीर 

समीर सिंह ने कहा कि आज पेवर्स ब्लॉक, ह्यूम पाइप, कंक्रीट बाउंडरीवाल, ड्रेन कवर आदि बनाने वाले उद्योग बंदी के कगार पर हैं. सरकार और नगर निगम की लगभग योजनाएं इन्हीं उद्योगों के प्रोडक्शन पर निर्भर हैं जो आज प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा बालू और गिट्टी के अनुपलब्धता से रियल स्टेट, सरकार के पुल पुलियों, कंक्रीट सड़कें, केनाल निर्माण आदि के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. सरकार ने इस कमी को दूर करने के लिए जो एप्प बनाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने और रजिस्ट्रेशन के तहत बालू उपलब्ध कराने की नीति बनाई है वो सारे उद्यमियों के बस की बात नहीं है. इसके तहत रांची जाकर रजिस्ट्रेशन कराना और फिर ऑनलाइन डिमांड करना उद्यमियों के लिए परेशानी का सबब है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-woman-dies-after-being-hit-by-a-train/">जमशेदपुर

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दो बालू घाटों की ही बंदोबस्ती सरकार ने की है - समीर

इसके अलावा पश्चिम बंगाल या ओडिसा से बालू मंगवाने पर उसका जो दर पड़ता है वो काफी महंगी होती है जिसके सहारे उद्योग चलाना नामुमकिन है. लघु उद्योग भारती के महामंत्री और कोषाध्यक्ष ने इस विकट समस्या से जूझ रहे लघु व मंझोले उद्योगों को बचाने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री को त्राहिमाम पत्र भी भेजा है साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल के रूप में उनसे मिलकर उद्यमियों की समस्याओं से अवगत कराने का निर्णय भी लिया है. बता दें कि सरायकेला जिले में मात्र 2 बालू घाटों की बंदोबस्ती सरकार ने की है जबकि अन्य बालू घाटों से रात के अंधेरे में बालू माफिया बालू का खनन अवैध तरीके से कर मालामाल हो रहे हैं, वहीं इन पर आश्रित उद्योग धंधों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-haris-name-is-bigger-than-haris-sadhvi-priya/">आदित्यपुर

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