Adityapur (Sanjeev Mehta) : झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद की मासिक गोष्ठी मंगलवार को हाता आयोजित
हुई. जिसमें मुख्य रूप से संस्थापक जनमेजय सरदार मौजूद थे
. गोष्ठी की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष
भवतारण मंडल ने
की. मौके पर कमल कांति घोष ने विवेकानंद स्वामी के संगीत से गोष्ठी की शुरूआत
की. झारखंड प्रभा के संपादक सुनील कुमार डे ने झारखंड प्रभा के प्रकाशन और उद्देश्य पर प्रकाश
डाला. उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण
है. साहित्य समाज को बदल सकता है और बर्बाद भी कर सकता
है. साहित्य एक
महासेवा है इसलिए साहित्यकारों को समाज निर्माण के लिए रचनात्मक साहित्य की रचना करनी
चाहिए. इस अवसर पर सुधांशु शेखर मिश्र, निरंजन सरदार आदि ने अपने अपने विचार
रखे. इसे भी पढ़ें : मझगांव">https://lagatar.in/mazgaon-meeting-organized-regarding-national-deworming-day-program/">मझगांव
: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम को लेकर बैठक आयोजित बहुभाषी कवि गोष्ठी आयोजित
मौके पर एक बहुभाषी कवि गोष्ठी का भी आयोजन
हुआ. जिसमें
भवतारण मंडल ने हिंदी में झूठा और बांग्ला में जे जाय से
कांदे ना, सुनील कुमार डे ने बंगला में जगाओ तोमार प्रेरणा
आबार और हिंदी में
हँस की जिओ, करुणामय मंडल ने हिंदी में बाबा विश्वकर्मा और बांग्ला में
आजकेर कवि गोष्ठी, शंकर चंद्र गोप ने हिंदी में डोर किसी के हाथ है, सुदीप मुखर्जी ने हिंदी में माता पिता, राजकुमार साहू ने हिंदी में बिछड़न, विकास कुमार भगत ने हिंदी में भारत देश के
नौजवानों का स्वरचित कविता पाठ
किया. मौके पर मिथुन साहू ने नजरुल इस्लाम की कंडारी हुसीयर कविता पाठ की. अंत में धन्यवाद ज्ञापन परिषद के सचिव शंकर चंद्र गोप ने किया. साहित्य गोष्ठी का संचालन राजकुमार साहू ने किया. 15 को होगा झारखंड प्रभा के 16वें अंक का विमोचन
मौके पर जनमेजय सरदार, कमल कांति घोष, शंकर चंद्र गोप, सुनील कुमार डे, सुधांशु शेखर मिश्र, करुणामय मंडल,
भवतारण मंडल, कृष्ण पद मंडल, राजकुमार साहू, मिथुन साहू, सुदीप मुखर्जी, सोहन लाल, रवींद्र नाथ सरदार, संजय दास,
सुरज प्रकाश, विकास कुमार भगत, निरंजन सरदार आदि मौजूद
थे. परिषद की अगली मासिक गोष्ठी आगामी 15 अक्टूबर रविवार को दोपहर 2 बजे माताजी आश्रम हाता में
होगी. उस दिन झारखंड प्रभा के
16वां अंक का विमोचन भी
होगा. [wpse_comments_template]
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