: दयानंद पब्लिक स्कूल : राजकुमार मिस्टर और मल्लिका बनी मिस डीपीएस
डीसी के नेतृत्व में जांच कर रिपोर्ट सौंपी थी
[caption id="attachment_532852" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> नीलाचल कंपनी की तस्वीर,[/caption] जांच रिपोर्ट के आधार पर ही न्यायालय ने तत्काल नीलाचल आयरन कंपनी को प्रदूषण फैलाने का दोषी मानते हुए 23 लाख रुपये प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को कंपनसेशन के रूप देने का आदेश दिया था. क्षेत्रीय पदाधिकारी ने बताया कि वैसे मामला अभी न्यायालय में चल रहा है जो कि विचाराधीन है. उन्होंने बताया कि कंपनी के विरुद्ध एक अनाम व्यक्ति ने एनजीटी में शिकायत की थी, जिसपर कमेटी बनी थी. कमेटी ने डीसी के नेतृत्व में जांच कर रिपोर्ट सौंपी थी. इसी रिपोर्ट के आलोक में न्यायालय के निर्देश पर कंपनी को कंपनसेशन देना पड़ा है. वैसे फैसला अभी न्यायालय में सुरक्षित रखा गया है. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-crpf-jawan-went-missing-to-meet-girlfriend-no-clue-even-after-15-days-fear-of-being-in-maoists-possession/">चाईबासा
: प्रेमिका से मिलने गया CRPF जवान लापता, 15 दिनों के बाद भी कोई सुराग नहीं, माओवादियों के कब्जे में होने की आशंका बता दें कि नीलाचल स्पॉन्ज आयरन कंपनी के विरुद्ध पीएम अवार्डी किसान व पूर्व मुखिया सोखेन हेम्ब्रम ने भी आसपास के गांव में कंपनी द्वारा प्रदूषण फैलाने, कृषि कार्य को प्रभावित करने और फसलों को बर्बाद करने की जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और एनजीटी में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने अपनी शिकायत में पालतू जानवरों को भी प्रदूषण से प्रभावित होने की बात कही थी. [wpse_comments_template]

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