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आदित्यपुर : नियोजन अधिनियम अनुपालन नहीं करने वाले 40 संस्थानों को नोटिस जारी

 
Adityapur (Sanjeev Mehta) : राज्य अंतर्गत वैसे सभी प्रतिष्ठान जहां 10 या उससे अधिक कार्य बल कार्यरत है उन्हें झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम 2021 एवं नियमावली 2022 का अनुपालन करना अनिवार्य है. निजी प्रतिष्ठानों में आउटसोर्स सेवा प्रदाता संस्थाएं एवं संवेदक भी इस अधिनियम के दायरे में आते हैं. इसका अनुपालन नही करने वाले नियोजकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान है. इस संबंध में जिला नियोजन पदाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि अब तक जिले के अधिकांश संस्थानों ने अपने संस्थान का निबंधन इस अधिनियम के तहत करा लिया है. परन्तु विभिन्न माध्यमों से सूचित करने के उपरांत भी कुछ संस्थानों द्वारा अब तक इस अधिनियम के तहत निबंधन तक नहीं कराया गया है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-under-now-no-house-should-remain-incomplete-lets-complete-the-house-all-the-incomplete-houses-in-the-district-will-be-completed/">चाईबासा

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अधिनियम के तहत निबंधन कराने की अपील

उन्होंने बताया कि श्रम अधीक्षक के कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र एवं जिले के सभी अंचल कार्यालयों व उद्योग जगत के संगठनों से उनके क्षेत्राधीन सभी संस्थानों की सूची प्राप्त कर डिफाल्टर संस्थानों को चिन्हित करने की कार्रवाई की जा रही है. अब तक जिले के कुल 40 संस्थानो को नियमानुसार डीसी कार्यालय द्वारा नोटिस दिया गया है एवं उनमें से तीन संस्थानों के विरूद्ध 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की कार्रवाई की गई है. जिनमें डिफाल्टर संस्थान- वन इंडिया फैमिली मार्ट (सरायकेला), भलोटिया मोटर्स (सरायकेला) एवं प्रधान राईस प्रोडक्ट्स (राजनगर) शामिल हैं. जिला नियोजन पदाधिकारी ने जिले के सभी नियोजक, जिन्होंने अब तक अपना निबंधन नहीं कराया है उनसे अपील की है कि इस अधिनियम के तहत यथाशीघ्र अपना निबंधन कराते हुए इसका अनुपालन सुनिश्चित करें. [wpse_comments_template]
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