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आदित्यपुर : जन्म-मृत्यु निबंधन में नर्सिंग होम की भूमिका संदिग्ध : उपायुक्त

 
Adityapur (Sanjeev Mehta) : सरायकेला-खरसावां जिले के सांख्यिकी शाखा की ओर से जिला स्तरीय एक दिवसीय जीवनांक संबंधी प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन आदित्यपुर स्थित ऑटो क्लस्टर सभागार में बुधवार को हुआ. कार्यशाला में डीसी अरवा राजकमल ने जन्म- मृत्यु निबंधन की विस्तृत जानकारी देते हुए इसके उपयोगिता बताई. उन्होंने जिले में जन्म-मृत्यु के निबंधन की प्रक्रिया पर संतुष्टि जताई. जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनने के प्राप्त आंकड़ों पर चिंता जताई और इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए. इसके लिए उन्होंने जागरूकता लाने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि ज्यादातर निजी नर्सिंग होम द्वारा डाटा छिपाया जा रहा है जो गलत है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-raf-jawans-performed-all-rituals-of-brother-in-marriage-of-martyrs-daughter/">जमशेदपुर

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जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र खतियान की तरह : डीसी

डीसी ने कहा कि आज के दौर में संस्थागत प्रसव संभव नहीं है. ऐसे में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को गर्भवती माताओं का डाटा रखना अनिवार्य है. जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र एक अनिवार्य प्रक्रिया है. इसका सख्ती से पालन करना जरूरी है. जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र खतियान की तरह है जिसके कई फायदे हैं. कार्यशाला में एसडीओ रामकृष्ण कुमार, जनगणना कार्य निदेशालय के सहायक निदेशक आशुतोष कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी फैजान सरवर, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी सीएचसी प्रभारी के साथ असिस्टेंट स्टेटिस्टकल पदाधिकारी रमेश प्रसाद, गंगा सागर, बरुन ओझा, राघव कुम्भकार, रोहित सिंह मोदक आदि मौजूद रहे. [wpse_comments_template]
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