Adityapur (Sanjeev Mehta) : कोल्हान के औद्योगिक क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की जांच के लिए स्मोग टावर लगाए जाएंगे. झारखंड प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने एक्सपर्ट कमेटी द्वारा तैयार कोल्हान के तीनों जिले के कंपनियों के बॉयलर और फर्नेश का डाटा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को भेज दिया है. जानकारी देते हुए पर्षद के क्षेत्रीय पदाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उद्योगों की वजह से हो रहे वायु प्रदूषण रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने यह कदम उठाया है. कोल्हान के तीनों जिले सरायकेला, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम के कंपनियों के बॉयलर और फर्नेश का डाटा उनसे मांगा गया था जिसे उन्होंने एक्सपर्ट कमेटी के द्वारा तैयार करवा कर भेजा है. इसे भी पढ़ें : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-dumper-fell-into-the-ditch-in-the-mine-the-driver-suffered-minor-injuries/">किरीबुरु
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https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/Adityapur-Jitendr-Kumar-Singh-.jpg"
alt="" width="1101" height="905" /> जितेंद्र कुमार सिंह.[/caption] उन्होंने बताया कि यह डाटा पूर्व में भी मांगा गया था, जिसे पर्षद ने भेजा था लेकिन एनजीटी ने वर्ष 2023 तक की अद्यतन स्थिति का ताजा रिपोर्ट दोबारा मांगा था. क्षेत्रीय निदेशक जितेंद्र कुमार ने बताया कि इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी. जिसमें एनजीटी के निर्देशानुसार एक्सपर्ट को शामिल किया गया था जो फील्ड और ऑफिसियल फाइल से डाटा तैयार किए. क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि इसके तहत मुख्यत: पावर प्लांट और स्पॉन्ज आयरन कंपनी के फर्नेश और बॉयलर की रिपोर्ट तैयार कर भेजनी थी, जिसमें उत्पादन के अनुसार बॉयलर की ऊंचाई और मोटाई के साथ ही कंपनी में लगाए गए एंटी पॉल्यूशन संयंत्रों की स्थिति की रिपोर्ट को संग्रह कर भेजी गई है. बॉयलर से कई प्रकार की जहरीली गैस निकलती हैं, जिसके लिए मानक के अनुसार बॉयलर की ऊंचाई रखनी होती है लेकिन ऐसा देखा जा रहा है कि कई कंपनियां इस मानक के स्टैंडर्ड को मेन्टेन नहीं करते हैं. इसे भी पढ़ें : ">https://lagatar.in/train-movement-stopped-for-39-hours-90-trains-cancelled/">
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कंपनियां मानक स्टैंडर्ड को मेन्टेन नहीं कर रही है
[caption id="attachment_657398" align="aligncenter" width="1101"]alt="" width="1101" height="905" /> जितेंद्र कुमार सिंह.[/caption] उन्होंने बताया कि यह डाटा पूर्व में भी मांगा गया था, जिसे पर्षद ने भेजा था लेकिन एनजीटी ने वर्ष 2023 तक की अद्यतन स्थिति का ताजा रिपोर्ट दोबारा मांगा था. क्षेत्रीय निदेशक जितेंद्र कुमार ने बताया कि इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी. जिसमें एनजीटी के निर्देशानुसार एक्सपर्ट को शामिल किया गया था जो फील्ड और ऑफिसियल फाइल से डाटा तैयार किए. क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि इसके तहत मुख्यत: पावर प्लांट और स्पॉन्ज आयरन कंपनी के फर्नेश और बॉयलर की रिपोर्ट तैयार कर भेजनी थी, जिसमें उत्पादन के अनुसार बॉयलर की ऊंचाई और मोटाई के साथ ही कंपनी में लगाए गए एंटी पॉल्यूशन संयंत्रों की स्थिति की रिपोर्ट को संग्रह कर भेजी गई है. बॉयलर से कई प्रकार की जहरीली गैस निकलती हैं, जिसके लिए मानक के अनुसार बॉयलर की ऊंचाई रखनी होती है लेकिन ऐसा देखा जा रहा है कि कई कंपनियां इस मानक के स्टैंडर्ड को मेन्टेन नहीं करते हैं. इसे भी पढ़ें : ">https://lagatar.in/train-movement-stopped-for-39-hours-90-trains-cancelled/">
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