Adityapur (Sanjeev Mehta) : नगर निगम वार्ड 20 में स्थित पीएचईडी कॉलोनी के आवास एवं कार्यालय की स्थिति जर्जर हो गई
है. बीते कई वर्षों से पीएचईडी कॉलोनी में रह रहे कर्मचारी जर्जर भवन में रहने को मजबूर
हैं. कॉलोनी भवन की स्थिति इतनी जर्जर हो गई है कि कभी भी भवन ढह सकती
है. जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की संभावना
है. बता दें कि पीएचईडी कॉलोनी की चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो चुकी
है. जिसके कारण कॉलोनी स्थित गैरेज, आवास एवं स्टोर रूम में कई बार चोरी भी हो चुकी
है. कॉलोनी से निकलने वाला नाला पूरी तरह से जाम हो चुका है, वहीं सेप्टिक टैंक भी कई वर्ष से साफ नहीं हुआ
है. क्षतिग्रस्त सेप्टिक टैंक का न सफाई हुआ है न ही रिपेयरिंग हुआ
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: टाटा मोटर्स के 40 कर्मचारी अरका जैन यूनिवर्सिटी से करेंगे इंजीनियरिंग की पढ़ाई चापाकल खराब होने पर नहीं होती है मरम्मत

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/Adityapur-PHED-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> पीएचईडी कॉलोनी की पेयजल व्यवस्था भी दयनीय
है. अगर गलती से पानी का पाइप लाइन कहीं से फट जाता है तो गर्मी के समय में भी मरम्मत के लिए 3 से 4 दिन तक तक इंतजार करना पड़ता
है. ऐसे में सरकारी आवास में पानी नहीं पहुंच पाता
है. पहले कॉलोनी में दो-तीन सरकारी चापाकल होते थे, लेकिन अब खराब हो जाने के बाद दोबारा उसकी मरम्मत नहीं होती
है. वहीं अगर किसी कारणवश पीएचईडी कॉलोनी के आवास में पानी नहीं आता है तो उसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई
है. जिसके वजह से यहां रह रहे लोगों को काफी परेशानी हो रही
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