- कोर्ट ने 8 माह से लंबित वेतन के भुगतान का दिया था आदेश
- पैसे के अभाव में इलाज नहीं होने से कर्मचारी की पत्नी की चली गई जान, संघ में उबाल
: किरीबुरु-मेघाहातुबुरु में भारी बारिश, मौसम में परिवर्तन इस बात को लेकर कर्मचारी महासंघ के लोगों में आक्रोश बढ़ गया है. महासंघ के सम्मानित अध्यक्ष विमल सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि विभाग के कार्यपालक अभियंता के इस कारनामे से संघ के कर्मचारियों में उबाल बढ़ रहा है. हमलोग अब इसके विरुद्ध कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करते हुए चरणबद्ध आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि मामला पीएचईडी के 7 हस्त रसीद कर्मचारी (सिविल) का है. जिन्हें 8 माह (जनवरी 2023) से वेतन नहीं मिल रहा है. इसके एवज में सभी कर्मचारी हाईकोर्ट की शरण में गए थे. हाईकोर्ट ने 27 जून को आदेश दिया है कि तीन सप्ताह में कर्मचारियों को वेतन रिलीज कर एफिडेविट के साथ सूचित करें, लेकिन समयावधि बीत जाने के बाद भी कार्यपालक अभियंता वेतन रिलीज नहीं कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें : Kiriburu">https://lagatar.in/kiriburu-heavy-rain-in-kiriburu-meghahatuburu-change-in-weather/">Kiriburu
: किरीबुरु-मेघाहातुबुरु में भारी बारिश, मौसम में परिवर्तन इन प्रभावित कर्मचारियों में धनुराम महतो, मनुराम हांसदा, आनंद बास्के, कुशल टुडू, मनोज कुमार, प्रेम कुमार सिंह, और सुजीत कुमार महतो शामिल हैं. इन कर्मचारियों में से एक मनोज कुमार की पत्नी का 20 अगस्त को इलाज के अभाव में देहांत हो गया है. कर्मचारी नेता ने बताया कि वहीं इसी विभाग में मैकेनिकल विभाग में कार्यरत हस्त रसीद कर्मचारियों को रेग्युलर वेतन दिया जा रहा है, जबकि सिविल के कर्मचारियों के साथ भेदभाव बरता जा रहा है. प्रेसवार्ता में अध्यक्ष विमल सिंह के साथ सोनाराम टूडू, प्रेम कुमार सिंह, सुजीत कुमार महतो, धनुराम महतो, शिव शंकर और अशोक सिंह शामिल थे. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-congresss-protest-continues-in-front-of-ed-office/">रांची
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