पर्व-त्योहार के मौके पर बिकती है दुकान लगाने की जमीन
इस रोड का हाल यह है कि पर्व- त्योहार के मौके पर यहां अवैध रूप से दुकानें सजती हैं. जिसके लिए दुकानदारों से डेढ़ से दो हजार रुपये प्रति दुकान वसूले जाते हैं. यह पैसा किसके जेब में जाता है इसकी भी जांच होनी चाहिए. मगर जांच करेगा कौन? त्योहारों में करीब डेढ़ सौ छोटी बड़ी दुकानें यहां सजती हैं. औसतन दो से ढाई लाख रुपये की अवैध वसूली रोज इस बाजार में होती है. इसका हिस्सा कहां तक पहुंचता है इसकी भी जांच होनी चाहिए.सभी अधिकारी कागजी कार्यवाही में ही व्यस्त
सालों भर फुटपाथी दुकानों के कब्जे में रहने वाले इस रोड से अतिक्रमण हटाने के लिए बाजार मास्टर सहित ट्रैफिक प्रभारी और थाना प्रभारी भी विधि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एसडीएम को लिखकर दे चुके हैं कि शीघ्र अतिक्रमण हटाया जाय लेकिन सरायकेला एसडीएम ने अब तक दंडाधिकारी नियुक्त नहीं किए हैं जिससे स्थिति धीरे धीरे भयावह होती जा रही है.थाना रोड पर चलना आम राहगीरों के लिए दुश्वार
बता दें कि थाना रोड पर चलना आम राहगीरों के लिए दुश्वार हो चुका है. इसमें किसी एक को दोषी ठहराना गलत होगा. स्थानीय थाना, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, पीएचडी कार्यालय, वन विभाग, बिजली विभाग, शहरी स्वास्थ्य केंद्र और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि की भूमिका कटघरे में हैं. आपको बता दें कि शायद ही कोई ऐसा विभाग है जिसके कर्मचारी और वहां पहुंचने वाले लोग थाना रोड में लगने वाले जाम से परेशान नहीं हों, मगर सवाल यह उठता है कि आखिर इसकी सुध लेगा कौन? इसे भी पढ़ें : प्रशिक्षण">https://lagatar.in/explanation-sought-from-polling-personnel-who-did-not-come-for-training/">प्रशिक्षणके लिए नहीं आने वाले मतदान कर्मियों से मांगा गया स्पष्टीकरण [wpse_comments_template]
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