- केंद्रीय श्रम एवं सामाजिक न्याय मंत्रालय ने किया हस्तक्षेप
- फिलहाल 6 अप्रैल तक नेफ्रो प्लस को मिला एक्सटेंशन
शाह पीर बाबा का सालाना उर्स शुरू, कोलेबिरा थाना प्रभारी ने की चादरपोशी
alt="" width="600" height="400" /> इससे यहां डायलिसिस करा रहे करीब 70 मरीजों की चिंता बढ़ गई थी. सभी मरीजों के परिजन दौड़े दौड़े पुरेंद्र से मिले थे और समस्या बताई जिसके बाद पुरेंद्र ने तत्काल केंद्रीय मंत्री के सचिव से बात कर इन्हें समस्या से संबंधित मेल भेजा था. जिसपर मंत्रालय ने तत्काल एक माह का एजेंसी को एक्सटेंशन देते हुए इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है. बता दें कि ईएसआईसी अस्पताल आदित्यपुर में इसी तरह मार्च 2020 से गंभीर बीमारियों के लिए होने वाला रेफरल सेवा को बंद कर दिया गया है जिससे यहां के तकरीबन 80 हजार बीमित मजदूरों के परिवार हलकान हैं. किडनी मरीजों के आश्रित बताते हैं कि उन्हें अपने मरीजों का हर महीने 12 डायलिसिस कराने की जरूरत पड़ेती है, यदि वे बाहर अपने मरीजों का डायलिसिस कराते हैं तो उन्हें 26 हजार प्रति माह भरने पड़ेंगे. इसे भी पढ़ें : हाईकोर्ट">https://lagatar.in/high-court-sought-answer-from-the-secretary-of-land-revenue-department/">हाईकोर्ट
ने भू-राजस्व विभाग के सचिव से मांगा जवाब ईएसआईसी के अधीक्षक एमपी मिंज बताते हैं कि ईएसआईसी का डायलिसिस करने वाली नेफ्रो प्लस के साथ टाई अप समाप्त हो चुका था. केन्द्र से ही उसकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश मिला था. बता दें कि ईएसआईसी में वर्तमान में 70 मरीज डायलिसिस के हैं, जिन्हें सप्ताह में 3 बार डायलिसिस कराने जरूरत पड़ती है. बता दें कि नेफ्रो प्लस ने कल अचानक नोटिस बोर्ड पर सूचना देकर कल से डायलिसिस की सुविधा बंद करने का अल्टीमेटम दे दिया था. इस बात से डायलिसिस के मरीज और उसके परिजन घबरा गए थे. [wpse_comments_template]
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