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Adityapur : रेलवे ने बस्ती खाली करने का दिया नोटिस, गुमटी बस्तीवासी गोलबंद

  • बोले बस्तीवासी- जमीन अनाबाद झारखंड सरकार की, रेलवे की दावेदारी गलत
Adityapur (Sanjeev Mehta) : रेलवे ने गुमटी बस्ती वासियों को बस्ती खाली करने का नोटिस दिया है. इसके बाद गुमटी बस्तीवासी गोलबंद हो गए हैं. रविवार को बस्ती वासियों ने बैठक कर कहा कि यह जमीन अनाबाद झारखंड सरकार की है इसपर रेलवे की दावेदारी गलत है. बता दें कि आज गुमटी बस्ती वासियों ने मानस मन्दिर प्रांगण में बैठक की है. बस्ती वासियों का कहना है कि लगभग 55/60 वर्षों से बसे गुमटी बस्ती के 60 लोगों को रेलवे द्वारा नोटिस दिया है. रेलवे जबरन अतिक्रमण कर टाटा कंपनी का निजी फायदा देने के लिये गरीब लोगों के घरों को तोड़ने का प्रयास कर रही है. जिसका हमलोग पुरजोर विरोध करते हैं. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-chandil-kandra-road-is-shedding-tears-over-its-poor-condition/">Chandil

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जब 1998 में सरकार द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था तब भी लेकिन गुमटी बस्ती को यह कहकर छोडा गया था कि यह बस्ती अतिक्रमण में नहीं है. चूंकि यह बस्ती रेलवे की जमीन पर नही है. तब यह बात सामने आई थी कि यह बस्ती अनावाद बिहार सरकार की जमीन पर बसी है जो अब झारखंड सरकार की है. बस्ती में कई घर रजिस्ट्री जमीन पर हैं और कुछ लोगो का खाता प्लाट नंबर है. यहां अधिकतर दैनिक मजदूरी करने वाले लोग रहते हैं. बैठक में मुख्य रूप से बाबु तांती कोल्हान प्रभारी नेशनल ऐंटी करप्शन कमेटी आफ इंडिया, साधु शर्मा, रमेश बालमुचु, सुभाष महतो, कृष्णा महतो, प्रसाद महतो, गुड्डू गुप्ता, रत्न लाल गुप्ता, राजेश गोप, शंकर महतो, रामजी जयसवाल आदि बस्ती वासी मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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