: गाढ़ाबासा में श्री श्री शीतला माता की प्राण प्रतिष्ठा के लिए निकली कलश यात्रा
बकरे की पूजा कर कान छेदकर छोड़ दिया जाता है.
समाज की महिलाएं सुबह स्नान ध्यान करके मां की पूजा के लिये स्थल पर पहुंचीं. महिला नेत्री ने बताया कि समाज के लोगों को मानना है कि आषाढ़ी पूजा करने से लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं. इस दौरान समाज के लोगों में एकजुटता देखते ही बनी. मौके पर समाज के लोगों द्वारा बकरे की पूजा कर कान छेदकर उसे छोड़ दिया जाता है. कार्यक्रम में सतीश बैठा, मनोज रजक, बिरेंद्र रजक, मदन रजक, रंजित रजक, सुरेश रजक, विक्रमादित्य कुमार, बबलू रजक, सूरज रजक, प्रमोद रजक, पूनम बैठा, अणु रजक समेत सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-two-youths-who-set-out-on-foot-from-delhi-on-char-dham-yatra-were-greeted-on-arrival-at-chaibasa/">चाईबासा: दिल्ली से पैदल चार धाम यात्रा पर निकले दो युवाओं का नगर आगमन पर हुआ अभिनंदन [wpse_comments_template]

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