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आदित्यपुर : सीतारामपुर डैम में तेजी से घट रहा जलस्तर, गुरुवार को 11 फीट था

Adityapur (Sanjeev Mehta) :  आदित्यपुर के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों को जलापूर्ति का लाभ देने वाला सीतारामपुर डैम का जलस्तर तेजी से घट रहा है. गुरुवार को हुई समीक्षा में डैम का जलस्तर 11 फीट पर पहुंच गया है. पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता जेसन होरो ने कहा कि अभी 2 महीने जलापूर्ति का स्टॉक बचा हुआ है. अगर समय पर मानसून आ गया और अच्छी बारिश होती है तो चिंता की कोई बात नहीं, किंतु बारिश कम हुई तो जलापूर्ति में कटौती संभव है. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-elephant-thrashed-woman-who-went-out-for-defecation-in-kaliyam-died/">चाकुलिया

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डैम की क्षमता 21 फीट, सात फीट गाद भरा

बता दें कि सीतारामपुर डैम की कुल क्षमता 21 फीट है. डैम में 7 फीट गाद भरा हुआ है, जिसे निकालने के लिए सामाजिक संगठन झारखंड लीगल एंड एडवायजरी डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन द्वारा हाईकोर्ट में पीआईएल दर्ज कराया गया था. इसके बाद कोर्ट के आदेश पर 14.76 करोड़ रुपए से सीतारामपुर डैम का गाद हटाने की योजना बनी, लेकिन वर्तमान में प्रस्ताव ठंडे बस्ते में है. आदित्यपुर में वर्तमान में करीब 18 हजार परिवारों और करीब 1200 उद्योगों को जलापूर्ति सीतारामपुर डैम से ही होती है. पिछले दिनों डैम के घटते जलस्तर को देखते हुए नगर निगम के अपर आयुक्त गिरिजा शंकर प्रसाद ने डैम और फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर डैम के गाद की सफाई का प्रस्ताव पेयजल स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता से मांगा था. बता दें कि डैम के निर्माण के बाद से ही इसकी कभी सफाई नहीं हुई है. 19.2 वर्ग किलोलीटर का यह डैम घटकर 1000 वर्ग किलोलीटर पर आ गया है. डैम की गहराई करीब 7 फीट गाद से भर गया है. इसे भी पढ़ें : ग्राउंड">https://lagatar.in/ground-report-57-marriage-houses-in-hazaribagh-city-60-do-not-have-parking-facility/">ग्राउंड

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गाद की वजह से पानी की क्षमता  घटकर हुई 3.5 मिलियन गैलन

ऐसे में डैम से होने वाली जलापूर्ति की क्षमता भी 5 मिलियन गैलन से घटकर 3.5 मिलियन गैलन पर आ गया है. इससे पाइप लाइन जलापूर्ति में फोर्स नहीं रहता है. लोगों को भरपूर पानी नहीं मिलता है. पूर्व में मीटर आधारित बिल लिया जाता था, जिसे विभाग को फिक्स करना पड़ा है. इन्हीं कारणों से वर्ष 2017 में झारखंड लीगल एडवाइजरी डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन ने जनहित याचिका दायर की थी. इसे भी पढ़ें : एनटीपीसी">https://lagatar.in/june-17-read-important-news-of-jharkhand-and-country-and-world-in-shubham-sandesh/">एनटीपीसी

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हाईकोर्ट ने गाद हटाने का दिया था आदेश

हाईकोर्ट ने सही समय पर डैम का गाद हटाने का आदेश विभाग को दिया था. विभाग के ईई ने 14 करोड़ 76 लाख 7 हजार 900 रुपए की स्कीम बनाकर प्रस्ताव भेजा भी, लेकिन वह ठंडे बस्ते में चला गया है. सीतारामपुर डैम का निर्माण 1963 में हुआ था. तब डैम से आसपास सिंचाई और जलापूर्ति करने का उद्देश्य था. लेकिन डैम आज जर्जर स्थिति में है. डैम का रख-रखाव शून्य है. वर्ष 2018 में डैम का क्षतिग्रस्त स्पिलवे गेट भी जनहित याचिका दायर करने के बाद बनी, जिसका परिणाम है कि आज डैम में पानी का स्टोरेज बढ़ा है, अन्यथा हर वर्ष जुलाई-अगस्त तक डैम पानी देने की स्थिति में नहीं होता था. जलापूर्ति के लिए राशनिंग करनी पड़ती थी. [wpse_comments_template]

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