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आदित्यपुर : रीसाइक्लिंग से बायो डीजल और बायो एथेनॉल जैसे तरल जैव ईंधन तैयार होंगे : प्रो. शुक्ला

Adityapur  (Sanjeev Mehta) : नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जमशेदपुर में इन दिनों कई शोध चल रहे हैं. जो आने वाले समय में मील के पत्थर साबित होंगे. संस्थान के निदेशक प्रो. करुणेश कुमार शुक्ला ने कहा कि उनके संस्थान के बेस्ट फैकल्टीज भविष्य में काम आनेवाले कई उपकरणों पर शोध कर रहे हैं. इसका लाभ भविष्य में मानव जगत को मिलेगा. उन्होंने बताया कि एनआईटी जमशेदपुर में बचे हुए खराब खाद्य पदार्थों की रीसाइक्लिंग के लिए एक विषेध मशीन तैयार कर रही है.  इससे वेस्टेज खाद्य पदार्थों की रीसाइक्लिंग होगी. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-1-70-lakh-support-to-cancer-victim-from-cm-critical-illness-scheme/">आदित्यपुर

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मानव जीवन को मिलेगा लाभ

करुणेश कुमार शुक्ला ने बताया कि इस रीसाइक्लिंग से बायो डीजल और बायो एथेनॉल जैसे तरल जैव ईंधन तैयार होंगे, जो भविष्य में पेट्रोल डीजल के वैकल्पिक ईंधन के रूप में काम आएंगे. इसके अलावा हमारे फैकल्टीज नैनो कंपोजिटर विद्युत उत्पादन उपकरण भी तैयार करने में जुटे हैं जो भविष्य में बिजली पैदा कर ऊर्जा उत्पादन में सहयोग करेगा. वहीं फ़ैकल्टीज एनर्जी एफिशिएंसी सुपर कैपेसिटर भी तैयार कर रही है. जो पावर भंडारण करने में सक्षम होगा. जबकि हमारे बेस्ट फ़ैकल्टीज बायो गैस डाइजेस्टर मशीन भी तैयार कर रहे हैं. जो नियंत्रित परिस्थितियों में कार्बनिक पदार्थ प्राप्त करेंगे. यह कार्बनिक पदार्थ पाचन कक्ष में विघटित हो जाएंगे, जिसका लाभ आनेवाले संमय में मानव जीवन को मिलेगा. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/06/15-300x191.jpeg"

alt="" width="300" height="191" /> इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-kanhaieshwar-mountain-worship-will-be-held-on-july-2-and-a-fair-will-be-held/">चाकुलिया

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ग्रामीण क्षेत्र में विशेष कारगर होंगे

इसके अलावा हमारे फैकल्टी क्रोजन रेजिस्टेन्ट पर शोध कर रहे हैं जो जंग रहित लोहे के औजार बनाने के काम आएंगे. यह ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कारगर होंगे. चूंकि किसानों के औजार मसलन खुरपी, कुदाल आदि यंत्र इसी क्रोजन रेजिस्टेन्ट से तैयार किए जाएंगे. जो जंगरहित होंगे.  उन्होंने कहा कि ये सारे उपकरण के निर्माण पर शोध फैकल्टी व छात्र निरंतर काम कर रहे हैं जिसका रिजल्ट भविष्य में एक उभरता भारत के रूप में मिलेगा. [wpse_comments_template]

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