Adityapur (Sanjeev mehta) : फंड के अभाव में सुवर्णरेखा का पुनर्वास कार्य अप्रैल 2023 से प्रभावित
है. यह जानकारी परियोजना की अपर निदेशक रंजना मिश्रा ने
दी. उन्होंने बताया कि 31 मार्च के पूर्व ही 43 गांव के विस्थापित को मुआवजा देने के लिए और उन्हें पुनर्वासित करने के लिए 60 करोड़ रुपए फंड की मांग किया गया
था. जिसपर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई
है. इस वजह से विकास पुस्तिका स्थापना समिति की बैठक भी बंद हो गई
है. जबकि विस्थापित कार्यालयों का चक्कर लगा रहे
हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-encroachment-removed-from-railway-land-in-bagbeda-amid-protests/">जमशेदपुर
: विरोध के बीच बागबेड़ा में रेलवे की जमीन से हटा अतिक्रमण फरवरी से अनशन पर हैं विस्थापित परिवार
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https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/Adityapur-Visthapit-Pariwar.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> अनशन पर बैठे विस्थापित परिवार.[/caption] बता दें कि मुआवजे की मांग को लेकर एक विस्थापित परिवार पिछले 4 महीने से
क्रमिक अनशन पर हैं, जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही
है. इस बारे में अपर निदेशक ने सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी से अनशन का स्टेटस मांगा
है. जबकि विस्थापित करो या मरो की स्थिति में अनशन पर बैठे
हैं. [wpse_comments_template]
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