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आदित्यपुर : लघु व सूक्ष्म उद्यमियों के पास ऑर्डर तो है लेकिन बिजली नहीं, इसलिए उत्पादन बाधित

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Adityapur : राज्य भर में जारी बिजली संकट का असर सबसे बड़े उद्योग धंधे वाले शहर आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र पर भी पड़ रहा है. यहां की लघु व सूक्ष्म उद्योगों में बिजली संकट की वजह से अपने उत्पादन के साथ आधारभूत संरचना पर भी खराब असर पड़ रहा है. उद्यमी संगठन के लोग इसे उद्यमियों के लिए कोढ़ में खाज साबित होने की बात कह रहे है. बता दें कि बिजली आपूर्ति की अनियमितता से उत्पादन के साथ महंगे डीजल खरीदने व कामगारों को बैठाकर कर भुगतान करने की मजबूरी से उद्यमी पर दोहरी मार पड़ रही है. उद्यमी संगठनों ने लगातार न्यूज से बातचीत में कहा कि अब भी जुस्को पावर पर महज 40 फीसदी बड़े उद्योग ही आश्रित हैं. बाकी के 60 फीसदी उद्योग अब भी जेबीवीएनएल की विद्युत आपूर्ति पर निर्भर हैं, जो इन दिनों बिजली संकट की मार से जूझ रहे हैं. इसे भी पढ़ें : अमेजन">https://lagatar.in/amazon-shares-fall-15-jeff-bezos-loses-20-5-billion/">अमेजन

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क्या कहते हैं उद्यमी संगठन के लोग

[caption id="attachment_300496" align="aligncenter" width="263"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/04/Adityapur-Sudhir-Singh-263x300.jpg"

alt="" width="263" height="300" /> एसिया के उपाध्यक्ष सुधीर सिंह.[/caption] एसिया : आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) के उपाध्यक्ष व बिजली आपूर्ति का प्रभार संभाल रहे उद्यमी SUDHIR SINGH ने कहा कि कोरोना की वजह से दो वर्ष तक उद्योग धंधे चौपट रहे. इस वर्ष संक्रमण कम हुआ और थोड़ा ऑर्डर मिलना शुरू हुआ तो बिजली संकट खलनायक बनकर लघु व सूक्ष्म उद्योगों के लिए काल बन गया है. हमारे पास ऑर्डर हैं, मजदूर हैं लेकिन बिजली के बिना सब बेकार है. लोड शेडिंग का कोई शिड्यूल नहीं होने से अचानक पावर कट होने से जॉब खराब हो जा रहे हैं. हम महंगा डीजल खर्च पर जेनरेटर चलाकर उत्पादन नहीं कर सकते, कामगारों को बैठाकर वेतन देना पड़ रहा है. [caption id="attachment_300498" align="aligncenter" width="276"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/04/Adityapur-Laghu-Udyog-Bharti-Samir-Singh-276x300.jpg"

alt="" width="276" height="300" /> लघु उद्योग भारती के जिला महासचिव समीर सिंह.[/caption] लघु उद्योग भारती : उद्यमी संगठन लघु उद्योग भारती के जिला महासचिव SAMIR SINGH कहते हैं कि जेबीवीएनल की बिजली कटौती से उद्यमियों को भारी नुकसान हो रहा है. उद्यमियों के पास भरपूर काम है, लेकिन पावर कट की वजह से वे ऑर्डर पूरा नहीं कर पा रहे हैं. बिजली नहीं रहने से उद्यमियों को भारी नुकसान हो रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-the-miscreants-took-away-the-trailer-after-kidnapping-the-driver-in-jugsalai/">जमशेदपुर:

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बिजली संकट के लिए केंद्र सरकार दोषी : सुरेश धारी

[caption id="attachment_300499" align="aligncenter" width="276"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/04/Suresh-Dhari-1-276x300.jpg"

alt="" width="276" height="300" /> कांग्रेस के कोल्हान प्रवक्ता सुरेश धारी.[/caption] कांग्रेस के कोल्हान प्रवक्ता सुरेश धारी कहते हैं कि बिजली संकट के लिए केंद्र सरकार दोषी है. चूंकि बिजली संकट केवल झारखंड में नहीं बल्कि 10 राज्यों में है. केंद्र सरकार बिजली उत्पादक संयंत्रों तक ससमय कोयला नहीं पहुंचा पा रही है. इस वजह से समूचा देश बिजली संकट से गुजर रहा है. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने स्वयं इस बात को कबूल किया है. अब जाकर करीब 500 यात्री ट्रेनों को रद्द कर उस ट्रैक से कोयला विद्युत संयंत्रों तक पहुंचाने में जुटी है. अगर केंद्र सरकार पूर्व से इसकी तैयारी करती तो देश में बिजली संकट उत्पन्न ही नहीं होती. [wpse_comments_template]

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