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Adityapur: एनआईटी जमशेदपुर में सुरक्षा और गोपनीयता पर तीसरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

 
Adityapur (Sanjeev Mehta) : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के गणित विभाग ने मंगलवार को हाइब्रिड मोड में सुरक्षा और गोपनीयता पर तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया. इस सम्मेलन में डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और गोपनीयता में अत्याधुनिक शोध और तकनीकी प्रगति पर प्रकाश डाला गया. कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. गौतम सूत्रधार ने किया, जिन्होंने डिजिटल युग में सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने प्रतिभागियों को नवीन दृष्टिकोण अपनाने और इस क्षेत्र में उन्नत तकनीकों के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया. डॉ. देबाशीष रॉय, आईपीएस, डीजी और आईजीपी, रेलवे, पश्चिम बंगाल पुलिस, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.

डॉ. सुमित कुमार देबनाथ ने किया सम्‍मेलन का संयोजन

सम्मेलन का आयोजन डॉ. सुमित कुमार देबनाथ के नेतृत्व में किया गया. जिन्होंने संयोजक और आयोजन सचिव के रूप में कार्य किया, जबकि डॉ. सौरव दास अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे. इस अवसर पर गणित विभाग के प्रमुख डॉ. राज नंदक्योलियार, अन्य प्रतिष्ठित प्रोफेसरों में प्रो. तरनी मंडल, प्रो. रामायण सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. शक्ति प्रसाद, डॉ. रत्नेश कुमार मिश्रा, डॉ. रजत त्रिपाठी, डॉ. स्नेहाशीष कुंडू, डॉ. हरि शंकर प्रसाद, डॉ. सुभा सरकार, डॉ. समीरन चक्रवर्ती, डॉ. वाई. रामू नायडू भी मौजूद रहे.

कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने व्यावहारिक व्याख्यान दिए

सम्मेलन में कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने उन्नत विषयों पर व्यावहारिक व्याख्यान दिए. चीन के बीजिंग स्थित सिंघुआ विश्वविद्यालय में गणित के प्रोफेसर प्रो. जिंताई डिंग ने "पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी" पर बात की. एनटीयू सिंगापुर के स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुपम चट्टोपाध्याय ने "मशीन लर्निंग की सुरक्षा और गोपनीयता" पर प्रस्तुति दी. इसके अतिरिक्त, डॉ. साईबल कुमार पाल,  वैज्ञानिक एच, एसएजी लैब, डीआरडीओ, दिल्ली, भारत ने "दीर्घकालिक क्रिप्टोग्राफिक सुरक्षा" पर व्याख्यान दिया. डॉ. देबासिस रॉय, आईपीएस, डीजी और आईजीपी रेलवे, पश्चिम बंगाल, भारत ने "बूलियन कार्यों पर क्वांटम कंप्यूटिंग" की खोज की. आईआईटी खड़गपुर में गणित विभाग के प्रो. सौरव मुखोपाध्याय ने "आपका डेटा कितना सुरक्षित है? सार्वजनिक कुंजी एन्क्रिप्शन और पूरी तरह से होमोमॉर्फिक एन्क्रिप्शन की शक्ति की खोज" पर बात की. आईआईटी खड़गपुर में गणित विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रत्ना दत्ता ने "अविश्वसनीय क्लाउड वातावरण के लिए एक असीमित सेटिंग में पोस्ट-क्वांटम सुरक्षित एमएफएचई और आईपीएफई - इंस्टेंटिएशन और कार्यान्वयन" पर व्याख्यान दिया. संगोष्ठी के दौरान, प्रतिभागियों ने नवाचारी अनुसंधान पत्र प्रस्तुत किए और विभिन्न विषयों पर चर्चाओं में भाग लिया. जिनमें डेटा सुरक्षा, एन्क्रिप्शन, ब्लॉकचेन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और अन्य संबंधित क्षेत्र शामिल थे. इसे भी पढ़ें : पोस्टरबाजी">https://lagatar.in/naxalites-limited-to-postering-violence-free-voting-in-jharkhand/">पोस्टरबाजी

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