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आदित्यपुर : NIT उन्नत भारत मिशन के तहत ग्रामीण महिलाओं को गोमय उत्पादों का दे रहा प्रशिक्षण

Adityapur (Sanjeev Mehta) : आदित्यपुर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के द्वारा उन्नत भारत मिशन के तहत ग्रामीण महिलाओं को गोमय उत्पादों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस कार्यक्रम के क्षेत्रीय समन्वयक एनआईटी जमशेदपुर के प्रोफेसर डॉ. रंजीत प्रसाद को बनाया गया है. जिनके द्वारा आसपास के गांव की महिलाओं को प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक गोमय उत्पादों के प्रशिक्षणकर्ता के माध्यम से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसे भी पढ़ें :टी20">https://lagatar.in/t20-world-cup-the-africa-in-the-final-for-the-first-time-with-a-thrilling-win-over-england/">टी20

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उन्नत भारत मिशन का क्षेत्रीय प्रभार संस्थान को मिला है

एनआईटी के निदेशक प्रोफेसर केके शुक्ला ने बताया कि केंद्र सरकार की इस फ्लैगशिप योजना उन्नत भारत मिशन का क्षेत्रीय प्रभार उनके संस्थान को मिला है. जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को गोमय उत्पादों का प्रशिक्षण देकर उनसे उत्पादन कराकर उन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें मेहनताना उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना के तहत गोमय उत्पादों के प्रशिक्षणकर्ता वासुदेव तांती और परेश चंद्र मंडल यहां योगदान दे रहे हैं. प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए ग्रामीण महिलाओं में गजब का उत्साह देखा जा रहा है. महिलाओं को गोमय पदार्थों से धूपबत्ती, दीया, प्रतिमा, आदि बनाने के प्रशिक्षण दिए जाएंगे. इसे भी पढ़ें :अडानी">https://lagatar.in/lic-had-to-invest-in-adani-group-50000-crores-drowned-in-50-days/">अडानी

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गांव के विकास में छात्र रिसर्च कर सकेंगे - प्रो. रंजीत प्रसाद

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alt="" width="300" height="200" /> जानकारी देते प्रो. रंजीत.[/caption] प्रो. रंजीत प्रसाद बताते हैं कि केंद्र सरकार के महत्वकांक्षी योजना उन्नत भारत मिशन का असर जमशेदपुर में दिख रहा है. पहले चरण में सरायकेला- खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड के डोडा, रापचा और पिंडराबेड़ा में सर्वे का काम किया गया है, जबकि पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड के कुदादा में सर्वे पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांवों के विकास के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाओं का अध्ययन कर रिपोर्ट आईआईटी दिल्ली और जिला प्रशासन को देना है. उन्होंने बताया इससे छात्र-छात्राओं को ग्रामीण सभ्यता की जानकारी होगी. साथ ही गांव के विकास में ये छात्र अपना रिसर्च कर सकेंगे. जिसमें संस्थान के प्रोफेसर और शिक्षक भी सहयोग कर रहे हैं. देशभर के आईआईटी आईआईएम, आईएसएम और एनआईटी इस मिशन में हिस्सा ले रहे हैं. जिसका व्यापक असर भी देखने को मिल रहा है. उन्होंने बताया, कि जिन गांव में एनआईटी जमशेदपुर के छात्रों ने सर्वे किया वहां विकास के व्यापक अवसर हैं. इसे भी पढ़ें :‘शुभम">https://lagatar.in/shubham-sandesh-investigation-goes-to-meet-the-prisoner-jail-staff-cast-evil-eye-and-talk-obscenely/">‘शुभम

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