Adityapur (Sanjeev Mehta) : अगर फोरम इंडिया का प्रोजेक्ट आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की धरती पर वर्ष 2006 में उतर जाता तो वह कोल्हान का पहला सुपर
स्पेशिलिटी मॉल होता, लेकिन कई कारणों से ऐसा नहीं हो सका और फोरम इंडिया का सपना अधूरा रह
गया. देश के साथ विदेशों में सुपर
स्पेशिलिटी मॉल स्थापित करने वाली फोरम इंडिया के सीईओ निर्मल
लुनावत ने इस बात को लगातार मीडिया से शेयर करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें शुरू से
आयडा (अब
जियाडा) का जीरो सपोर्ट (सहयोग)
रहा. पहले तो हमें सिंगल विंडो के तहत सभी प्रकार के क्लियरेंस का सपना दिखाया गया, लेकिन बाद में हमें खुद के हाल पर छोड़ दिया
गया. पर्यावरण क्लियरेंस, ग्राउंड वाटर क्लियरेंस मिल चुका है तो हमारे बिल्डिंग प्लान (योजना) को अप्रूवल देने के बजाय हमारे प्रोजेक्ट को ही रद्द कर उस जमीन को आवंटित करने के लिए नोटिफिकेशन निकाल दिया गया है.
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: महिलाओं को 30 दीन का प्रशिक्षण देकर रोजगार से संबंधित किट दिए गए फोरम इंडिया का 16 मंजिला मॉल बनाने का है प्रस्ताव
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alt="" width="400" height="250" /> फोरम इंडिया के सीईओ निर्मल लुनावत.[/caption] उक्त जमीन पर फोरम इंडिया का आदित्यपुर में 16 मंजिला मॉल स्थापित करने का प्रस्ताव
है. इसमें तकरीबन 500 करोड़ रुपये निवेश करने का लक्ष्य निर्धारित
है. जियाडा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील पर है फोरम इंडिया फोरम इंडिया के सीईओ निर्मल
लुनावत ने कहा कि नवंबर 2021 से वे
जियाडा की हियरिंग और प्रोजेक्ट
रदद् करने की कार्रवाई के विरुद्ध
जियाडा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील पर हैं, लेकिन कोर्ट में अब तक एक भी हियरिंग नहीं हुई
है. ऐसे में मामला
न्याययिक प्रक्रियाधीन होने के बावजूद
जियाडा ने हमें आवंटित जमीन का आवंटन रद्द कर उस पर दूसरा प्रोजेक्ट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी
है. यह फोरम इंडिया के साथ नाइंसाफी
है. बता दें कि इस मामले में
जियाडा का तर्क है कि उसने एग्रीमेंट के उल्लंघन के विरुद्ध हियरिंग कर प्रोजेक्ट को रद्द किया
है. उनके फैसले के विरुद्ध फोरम इंडिया हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुकी
है. वहां से भी जिस शर्त पर फोरम इंडिया को प्रोजेक्ट शुरू करने को कहा गया वो नहीं कर
सकी. लिहाजा अब कोर्ट में दिए गए फैसले को फॉलो करते हुए
जियाडा ने उनके आवंटन को रद्द करते हुए प्रोजेक्ट को भी रद्द किया है और अब
जियाडा सामान्य तरीके से उसे आवंटित कर रही
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कावेरी : अफ्रीकी देश सूडान से अब तक 530 भारतीय Rescue किये गये जियाडा 22 एकड़ जमीन 286 करोड़ में बेचेगी
22 एकड़ जमीन अब
जियाडा 286 करोड़ रुपये में बेचेगी. टाटा-कांड्रा मुख्य मार्ग पर अवस्थित प्राइम लोकेशन पर फोरम इंडिया को 22 एकड़ जमीन दी गई थी, जिसे अब
जियाडा ने 1.35 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से सामान्य उद्योग लगाने को ऑन लाइन
बीडिंग के तहत आवंटन करने का नोटिफिकेशन निकाला
है. वहीं इसी जमीन को यदि कोई
कमर्शियल पर्पस से आवंटित कराना चाहे तो उन्हें 13 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर पर यह जमीन लेनी पड़ेगी, अर्थात 22 एकड़ जमीन
जियाडा 286 करोड़ रुपये में बेचेगी, जिसका पैसा उसे 30 दिन में अनिवार्य रूप से
चाहिए. [wpse_comments_template]
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