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खादी को अपनाएं, इसे बनाने वाले श्रमिकों को करें मजबूत : राज्यपाल

रांची के मोरहाबादी में राष्ट्रीय खादी एवं सरस महोत्सव का समापन Ranchi : झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि खादी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व की याद दिलाता है. खादी महोत्सव हमारे देश की संस्कृति व परंपरा का प्रतीक है. खादी महज एक कपड़ा नहीं है, बल्कि इसने रोजगार के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को मजबूत कनाने का कार्य भी किया है. इसलिए खादी को अपनाएं और इसके निर्माण में लगे श्रमिकों को मजबूत करें. राज्यपाल मंगलवार को मोरहाबादी में चल रहे राष्ट्रीय खादी एवं सरस महोत्सव पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खादी ग्रामोद्योग पर खास ध्यान दिया है. खादी आधुनिक जीवन शैली का हिस्सा भी बन गया है. खादी के माध्यम से प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया व आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है. इससे पूर्व राज्यपाल व अन्य अतिथियों ने दीप जलाकर समारोह का उद्घाटन किया.

खादी महोत्सव अपने आप में अलबेला है : उद्योग मंत्री

राज्य के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि खादी महोत्सव अपने आप में अलबेला है. मेले में देश के कई राजयों के स्टॉल लगे थे. उन्होंने गोड्डा में सिल्क की फैक्ट्री लगाने की घोषणा की. कहा कि इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा. जिला, प्रखंड स्तर पर लोगों को जितना जोड़ेंगे उन्हें रोजगार का अच्छा अवसर मिलेगा.

मेले में हुआ 15 करोड़ का कारोबार

राज्य के उद्योग सचिव जीतेंद्र सिंह ने कहा कि राजधानी रांची में खादी मेले की शुरुआत वर्ष 2004 से जिला स्कूल में हुई थी. इसके बाद सरकारी पहल पर इसका आयोजन मोरहाबादी मैदान में होने लगा. इस बार खादी मेला सह सरस महतो 28 दिसंबर से 6 जनवरी तक चला. मेले में कुल करीब 15 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ. उन्होंने कहा कि इस बार मेले में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 570 स्टॉल लगे थे. इनमें 450 खादी ग्रामोद्योग के, 120 सरस महोत्सव के व 32 फुड स्टॉल थे. खादी ग्रामोद्योग के स्टॉलों पर कुल 45 लाख रुपए की बिक्री हुई. वहीं, सरस महोत्सव के स्टॉलों पर 5 करोड़ की व हस्तकरघा के स्टॉलों 5 करोड़ रुपए की बिक्री हुई. मेले में कुल 15 करोड़ रुपए के सामान की बिक्री हुई.

इन राज्यों के लगे थे स्टॉल

खादी मेले में झारखंड के अलावा दिल्ली, उतराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हैदराबाद, जम्मू कश्मीर समेत अन्य राज्यों के स्टॉल लगे थे.

मेले के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई : महुआ माजी

राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने खादी मेले के सफल आयोजन के लिए इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी. कहा कि मेले में झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों के स्टॉल लगे, जो हमारी समृद्ध परंपरा का प्रतीक है. मंईयां सम्मान योजना की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बहनें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों की पूर्ति में पैसों की कमी महसूस नहीं करेंगी. वे इससे मिलने वाले पैसे से अपनी ट्रेनिंग पूरी कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी. समारोह को रांची के विधायक सीपी सिंह ने भी संबोधित किया. मौके पर राज्य के अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी, निदेशक आकांक्षा रंजन सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे.

इन्हें किया गया पुरस्कृत

समारोह में राज्यपाल ने भवनाथपुर के मोसादिक को सिल्क उत्पाद के लिए प्रथम, लोकसेवा केंद्र चाईबासा के सोनू कुमार को द्वितीय, कन्नौज (यूपी) की राइल मिश्रा को तृतीय पुरस्कार से नवाजा. इनके साथ राजस्थान के पेंटर किशोर, रांची की शिल्पी सिन्हा, शोभा देवी, मोहन प्रसाद सहित अन्य को भी पुरस्कृत किया गया. यह भी पढ़ें : रक्षा">https://lagatar.in/minister-of-state-for-defence-felicitated-22-tribal-sisters-of-jharkhand-in-delhi/">रक्षा

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