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कोवीशील्ड-कोवैक्सिन के दो डोज ले चुके वयस्क बूस्टर के लिए कॉर्बेवैक्स वैक्सीन ले सकेंगे, मिली मंजूरी

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NewDelhi : बॉयोलॉजिकल ई कंपनी की कॉर्बेवैक्स वैक्सीन को कोविशील्ड, कोवैक्सिन के वैक्सीन लगवा चुके वयस्कों के लिए बूस्टर डोज के तौर लगाये जाने की मंजूरी मिल गयी है. खबर है केंद्र सरकार ने बुधवार को इसकी मंजूरी दे दी है. ऐसा पहली बार होगा, जब बूस्टर डोज के लिए पहले लगाई गयी वैक्सीन से इतर कोई वैक्सीन देश में लगाई जा सकेगी. जानकारी के अनुसार नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑफ इम्युनाइजेशन (NTAGI) ने 2 अगस्त को कॉर्बेवैक्स को बूस्टर डोज के तौर पर इस्तेमाल करने की सिफारिश हेल्थ मिनिस्ट्री से की थी. बता दें कि भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित RBD प्रोटीन सबयूनिट वैक्सीन कॉर्बेवैक्स का इस्तेमाल फिलहाल 12 से 14 साल ऐज ग्रुप के बच्चों के वैक्सीनेशन में किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : पाकिस्तान">https://lagatar.in/pakistan-ban-on-broadcasting-of-ary-news-journalist-ammad-yusuf-arrested/">पाकिस्तान

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दूसरा डोज लगवाने के 6 माह बाद लगेगी कॉर्बेवैक्स

कोवैक्सिन या कोविशील्ड वैक्सीन लगवा चुके वयस्क, दूसरा डोज लगवाने की तिथि से 6 महीने या 26 हफ्ते बाद ही कॉर्बेवैक्स लगवा सकेंगे. जानकारी के अनुसार बूस्टर डोज के तौर पर मौजूदा गाइडलाइन में जल्द ही संसोधन किया जायेगा. खबर है कि कोविन पोर्टल पर भी कॉर्बेवैक्स वैक्सीन को बूस्टर के तौर पर लगाये जाने से जुड़ी गाइडलाइंस में भी बदलाव किया जा रहा है. कोविड वर्किंग ग्रुप ने जुलाई में स्टडी की थी इसे भी पढ़ें : बोले">https://lagatar.in/gadkari-said-i-always-tell-bureaucrats-the-government-will-run-according-to-us-not-according-to-you/">बोले

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20 जुलाई  को डबल-ब्लाइंड रैंडमाइज्ड फेज -3 क्लिनिकल स्टडी के डेटा की समीक्षा

बता दें कि कोविड वर्किंग ग्रुप (CWG) ने 20 जुलाई की बैठक में, डबल-ब्लाइंड रैंडमाइज्ड फेज -3 क्लिनिकल स्टडी के डेटा की समीक्षा की थी. इसके आधार पर वयस्क को लगाये जाने के बाद इसके असर को आंका गया. इसके बाद के रिजल्ट्स में CWG ने पाया कि कॉर्बेवैक्स वैक्सीन को बूस्टर के तौर पर लगाये जाने के बाद एंटीबॉडी में इजाफा हुआ है. इससे पहले ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने 4 जून को कॉर्बेवैक्स को 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज के तौर पर मंजूरी दी थी.

10 अप्रैल से सभी वयस्कों को बूस्टर डोज की मंजूरी

देश में 10 जनवरी से हेल्थ केयर, फ्रंटलाइन वर्कर्स को और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज लगाये जाने की शुरुआत की गयी थी. 16 मार्च से 12-14 साल के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया. इसी दिन 60 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को बूस्टर डोज की मंजूरी दी गयी. 10 अप्रैल को 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना के बूस्टर डोज लगाए जाने की मंजूरी दी गयी थी [wpse_comments_template]
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