Dhanbad : झारखंड स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने लगातार तीसरे दिन 9 जनवरी को भी खुद को न्यायिक कार्यों से अलग रखा. कोर्ट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा. जमानत के 48 आवेदनों पर बहस करने कोई अधिवक्ता नहीं पहुंचा. वहीं 16 मामलों में गवाहों का प्रति परीक्षण भी नहीं किया जा सका. मीडिएशन सेंटर में भी सुलह समझौते का काम बंद रहा. स्टेट बार काउंसिल स्टीयरिंग कमेटी के चेयरमैन राधेश्याम गोस्वामी व बार काउंसिल के मेंबर प्रयाग महतो ने कहा कि अधिवक्ताओं की एकता को सरकार नहीं तोड़ सकती. 7 जनवरी को मुख्यमंत्री ने जो वायदे किए हैं उससे लिखित रूप में काउंसिल को अवगत कराएं. समय सीमा बताएं कि कितने दिनों के अंदर मांगों को पूरा किया जाएगा. उसके बाद ही अधिवक्ता काम पर लौटेंगे. धनबाद बार एसोसिएशन के महासचिव जीतेंद्र कुमार ने कहा कि धनबाद में सभी अधिवक्ताओं ने खुद को न्यायिक कार्य से अलग रखा है. हम काउंसिल के निर्णय के साथ हैं. धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय ने कहा कि सीएम के लिखित आश्वासन के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा. काउंसिल की मांगों में अधिवक्ताओं का बीमा, बार एसोसिएशन में लोक अभियोजक की नियुक्ति अधिवक्ताओं के बीच से करने, अपर लोक अभियोजकों की संख्या बढ़ाने, अधिवक्ता कल्याण कोष का गठन, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द लागू करने की मांग शामिल हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-police-raids-the-house-of-a-youth-carrying-explosives-important-clues-found/">धनबाद
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धनबाद कोर्ट में तीसरे दिन भी अधिवक्ताओं ने नहीं किया काम, बेल के 48 आवेदनों पर नहीं हुई बहस

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