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अनियमितता का आरोप
उन्होंने बताया कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिना आम सभा की बैठक किए राशि खर्च कर रहे हैं. आय-व्यय का ब्योरा सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं. यह भी जानकारी दी कि त्योहार भत्ता वितरण में भी अध्यक्ष की ओर से मनमानी की गई और वैसे लोगों का नाम जोड़ कर भत्ता दिया गया, जिनका कोर्ट में दर्शन तक दुर्लभ है. उन्होंने मांग की है कि अगर बार में भ्रष्टाचार नहीं है, तो अध्यक्ष पिछले वर्ष के आय-व्यय की ऑडिट कराकर इसे सार्वजानिक करें.साथ ही बार की ओर से अधिवक्ताओं को दिए जाने वाले त्योहार-भत्ता के लिए अयोग्य घोषित किए गए अधिवक्ताओं को कारण स्पष्ट करते हुए बताया जाए कि आखिर उन्होंने किस वजह से ऐसा किया.आंदोलन को ये दे रहे समर्थन
आंदोलन को समर्थन देने वाले में बृजेश कुमार, रंजीत यादव, अरविंद राणा, संतोष यादव, मनीष कुमार, मनीष सिन्हा, दयानंद गुप्ता, शत्रुघ्न कुमार पांडेय, दीपक चंद्रवंशी, नंदकिशोर श्रवण, योगेश कुमार, महावीर प्रसाद, शंभू प्रसाद, आशीष कुमार, महंत विजयानंद दास, नीलेश कुमार एवं अन्य कई अधिवक्ता शामिल थे. इसे भी पढ़ें-महाराष्ट्र">https://lagatar.in/supreme-court-reserves-verdict-on-shinde-vs-uddhav-dispute-of-maharashtra/">महाराष्ट्रके शिंदे बनाम उद्धव विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित [wpse_comments_template]

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