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मगध-अम्रपाली के बाद चतरा जिले में खुलेगी दो नई कोल परियोजना

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chatra  :  टंडवा में अभी दो कोल परियोजना चल रही है. आम्रपाली, मगध खुलने के बाद सीसीएल अब नई कोल परियोजना खोलने की तैयारी में जुट गया है. इसके बाद सीसीएल चंद्रगुप्त और संघमित्रा कोल परियोजना  खोलने की तैयारी में जुट गई है. इन दोनों कोल परियोजना से 40 मिलियन टन कोयले का उत्पादन प्रति वर्ष होने की उम्मीद है. इन कोल परियोजना के शुरु होने के बाद चतरा जिला कोल हब बन जायेगा. जिला के विकास के लिए और ज्यादा राशि जिला प्रशासन को मिलने की उम्मीद है. इसे भी पढ़ें - लगातार">https://lagatar.in/foreign-exchange-reserves-decreased-for-the-fifth-consecutive-week-but-gold-reserves-increased-reaching-39-point-39-billion/">लगातार

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 भूमि अधिग्रहण का काम जारी

जानकारी के मुताबिक दोनों कोल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जारी है. चंद्रगुप्त कोल परियोजना के लिए टंडवा के साथ-साथ हजारीबाग जिला के केरेडारी प्रखंड के कई गांवों में भी भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है. इसी तरह संघमित्रा कोल परियोजना के लिए चतरा के साथ-साथ लातेहार जिला के बालूमाथ प्रखंड में भी भूमि अधिग्रहण का काम किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें - चौक-">https://lagatar.in/ranchi-ssp-celebrated-new-year-with-policemen-doing-night-duty-at-chowk-intersections/">चौक-

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 मगध से सात गुणा बड़ी है संघमित्रा कोल परियोजना

संघ मित्रा कोल परियोजना टंडवा में चल रहा मगध कोल परियोजना से सात गुणा बड़ी कोल परियोजना है. मगध कोल परियोजना से प्रति वर्ष तीन मिलियन टन कोयला का उत्पादन होता है. जबकि संघमित्रा कोल परियोजना से प्रति वर्ष 20 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित है. इसे भी पढ़ें -कानपुर">https://lagatar.in/kanpur-raid-raid-continues-income-tax-officials-gathered-with-bags-and-beds-akhilesh-will-appeal-to-president-and-election-commission/">कानपुर

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  चंद्रगुप्त कॉल परियोजना में 600 मिलियन टन कोयले का भंडार  

जानकारी के  मुताबिक इस चंद्रगुप्त कॉल परियोजना में लगभग 600 मिलियन टन कोयले का भंडार है. जहां हर साल 20 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने का लक्ष्य है. हजारीबाग जिला के केरेडारी अंचल के चट्टीबारियातू में 204 एकड़,जोरदाग 545.50, नावाखाप 139, पचड़ा 722.11, सिजूआ 565.18, बुकरू 997 और चतरा जिले के उड़सू गांव में 158.71 एकड़ जमीन पर कोल बियरिंग एक्ट के तहत 10 अप्रैल 2014 से ही सेक्शन-9 लगा दिया गया था. इसके लगते ही उक्त जमीनों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लग चुका था. इसे भी पढ़ें -नये">https://lagatar.in/in-the-new-year-withdrawing-money-from-atm-became-expensive-more-money-would-have-to-be-paid-for-ordering-shoes-and-slippers-and-food-online/">नये

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