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एनजीटी के आदेश के बाद राज्य सरकार रेस, निकाला नियुक्ति का विज्ञापन

Ranchi : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में अध्यक्ष और सदस्य सचिव के लिए नियुक्ति का विज्ञापन जारी कर दिया है. जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष पद की रेस में कई सेवानिवृत आइएएस, आइएफएस सहित कई पर्यावरणविद भी शामिल हैं. बताते चलें कि एनजीटी झारखंड राज्य प्रदूषण बोर्ड के क्रियाकलापों को लेकर नराजगी जताई थी. कहा था कि प्रदूषण बोर्ड में काबिल अफसरों की तैनाती करें. एनजीटी ने यह मामला झारखंड सरकार के संज्ञान में भी लाया है. कहा है कि बोर्ड में सक्ष्म ऑफिसर की जरूरत है. इसे भी पढ़ें -मुंबई">https://lagatar.in/mumbai-due-to-storm-huge-hoarding-fell-on-petrol-pump-14-people-died-74-injured/">मुंबई

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प्रभार में चल रहा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

झारखंड राज्य प्रदूषण बोर्ड के चेयरमैन और मेंबर सेक्रेट्री का पद प्रभार में चल रहा है. निर्दलीय विधायक सह पूर्व कैबिनेट मंत्री सरयू राय ने भी इस मामले में मुख्य सचिव को पत्र लिखा था. पत्र में कहा गया था कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष व सचिव पद पर नियुक्तियां करते समय विशिष्ट ज्ञानयुक्त पूर्णकालिक पदाधिकारी को ही इन पदों पर पदस्थापित किया जाना चाहिए.

एनजीटी दे चुका है कार्रवाई का आदेश

ट्रिब्यूनल ने पर्यावरणीय कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने के लिए बोर्ड से सदस्य सचिव यतींद्र कुमार दास के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश राज्य के मुख्य सचिव को भी दिया है. एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि सदस्य सचिव की ओर से ऐसा किया जाना कानून की उनकी पूर्ण अज्ञानता और अवहेलना को दर्शाती है. ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव को उक्त आदेश सदस्य सचिव की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में लगने का भी निर्देश दिया है.

अध्यक्ष पद के लिए यह होना जरूरी

• डेपुटेशन- कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर चेयरमैन की नियुक्ति होनी है. • केंद्र, राज्य सरकार, पब्लिक सेक्टर में कार्यरत वांछित योग्यता रखने वाले कैंडिडेट इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. • इन्वायरमेंटल साइंस में मास्टर डिग्री या इन्वायरमेंट रिलेटेड सब्जेक्ट में डिग्री होनी चाहिए • इन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन या प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में 10 सालों का कार्यानुभव भी महत्वपूर्ण होगा. • ऐसे आइएएस या आईपीएस जो राज्य सरकार में प्रिंसिपल सेक्रेट्री लेवल पर कार्यरत हों, वे भी आवेदन के योग्य होंगे. • इस पद के लिए आवेदकों की अधिकतम आयु सीमा 62 वर्ष तक तय है. तीन सालों के लिए सिंगल टर्म के लिए इस पद पर नियुक्ति होगी.

सदस्य सचिव के लिए ये चीजें हैं अनिवार्य

• सदस्य सचिव के पद के लिए केंद्र, राज्य सरकार, पब्लिक सेक्टर में कार्यरत लोगों के अलावा प्राइवेट सेक्टर से जुड़े योग्य लोग भी आवेदन कर सकते हैं. • इंजीनियरिंग (इन्वायरमेंटल) बैकग्राउंड के अलावे इंवायरमेंट में मास्टर डिग्री कैंडिडेट के पास होनी चाहिए. • इन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन, प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में 10 सालों का अनुभव भी उसके पास हो. • इस पद के लिए आवेदन करने को अधिकतम आयु सीमा 55 और मिनिमम 45 वर्ष तय है. • तीन सालों के लिए इस पद पर सेवा ली जाएगी. इसे भी पढ़ें - EVM-VVPAT">https://lagatar.in/supreme-courts-decision-in-evm-vvpat-case-challenged-review-petition-filed/">EVM-VVPAT

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