LagatarDesk : दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान “दाना” देर रात ओडिशा के तट से टकराया. तूफान ओडिशा के धामरा और भितरकनिका तट से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरा. ओडिशा में लैंडफॉल होने के बाद तूफान पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर के पुराने दीघा समुद्र तट पर पहुंच गया है. अभी भी दोनों जगहों पर लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी है. आईएमडी के अनुसार, अगले एक से दो घंटों तक लैंडफॉल जारी रहेगी. मौसम विभाग की मानें तो चक्रवाती तूफान दाना आज पूर्वाह्न तक धीरे-धीरे कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल जायेगा. हालांकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे अतिरिक्त सुरक्षा बरतने की सलाह दी है.
https://twitter.com/ANI/status/1849632950058614873 https://twitter.com/ANI/status/1849645741423157435 तेज हवाओं के साथ हो रही भारी बारिश
चक्रवाती तूफान “दाना” की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तेज हवा के झोंके के साथ भारी बारिश हो रही है. समुद्र की लहरें भी ऊंची-ऊंची उठ रही हैं. तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ गिर गया है. इतना ही नहीं खंबे में उखड़ गये हैं. लैंडस्लाइड होने से कई जगहों पर सड़कें तक उखड़ गयी हैं. मौके पर मौजूद राहत और बचाव टीमों ने पेड़ों को काटकर रास्ता साफ किया. चक्रवाती तूफान दाना की वजह से स्कूलों को बंद कर दिया गया है. 400 से अधिक ट्रेनों को रद्द और उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है. हालांकि कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज सुबह 8 बजे से फिर से उड़ान सेवा शुरू कर दी गयी.
अब तक 5.84 लाख लोगों को किया गया शिफ्ट
ओडिशा में एहतियातन अब तक करीब 5.84 लाख लोगों को दूसरे जगह शिफ्ट किया गया है. बालासोर जिले से सबसे अधिक 172,916 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इसके बाद मयूरभंज से एक लाख, भद्रक से 75 हजार, जाजपुर से 58 हजार और केंद्रपाड़ा से 46 हजार लोगों को दूसरे जगह शिफ्ट किया गया है. वहीं दूसरी तरफ चक्रवात दाना की वजह से स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट की गयीं 4,431 गर्भवती महिलाओं में से 1,600 ने बच्चे को जन्म दिया है.
सीएम ममता बनर्जी पूरी रात नियंत्रण कक्ष में ही रहीं
इधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार देर रात चक्रवात ‘दाना’ के संभावित खतरे को देखते हुए हावड़ा में राज्य सरकार के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया. वह पूरी रात नियंत्रण कक्ष में ही रहीं और हालत की जानकारी लेती रहीं. बंगाल में अब तक 2 लाख 11 हजार 234 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इधर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का ईओएस-06 और इनसेट-3डीआर उपग्रह 20 अक्टूबर से तूफान पर नजर रख रहा है. दोनों उपग्रह आपदा प्रबंधन प्रयासों में सहायता के लिए तात्कालिक रूप से आंकड़े प्रदान कर रहा है.
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